रंत रैबार ब्यूरो दिल्ली….
नई दिल्ली: बुराड़ी बाबा कॉलोनी म नैनीडांडा वेलफेयर संघ बुराड़ी द्वारा आयोजित होरी मिलन समारोह को आयोजन करेगे छौ। संघ लगातार सामाजिक कार्यों म योगदान देणु चा। बुराड़ी बाबा कॉलोनी समेत हर क्षेत्र म संघ का सदस्य छन। अपणी संस्कृति का संरक्षण म नैनीडांडा वेलफेयर संघ बुराड़ी कु बडु योगदान चा। ये समारोह म युवा गायक/कवि ओम ध्यानी को नै होरी गीत कु लोकार्पण ह्वे। बरिष्ठ समाजसेवी व उद्यमी रामप्रसाद भदूला, साहित्यकार दिनेश ध्यानी, दर्शन सिंह रावत व नैनीडांडा संघ का मुख्य पदाधिकारियों द्वारा ये होरी गीत कु लोकार्पण कैरी। उत्तराखण्ड लोक-भाषा सहित्य मंच का संयोजक दिनेश ध्यानी ल बोलि कि ओम ध्यानी जना युवा गायक/कवि द्वारा हमरि भाषा, संस्कृति का क्षेत्र म भौत बढ़िया काम करणा छन। वखी उद्यमी राम प्रसाद भदूला न बोलि कि हम तैं दिल्ली जना महानगर म अपरी भाषा-साहित्य व संस्कृति परैं काम कन चैन्द। वोन बोलि कि दिनेश ध्यानी जी लगातार भाषा संरक्षण का क्षेत्र म लगातार काम कना छन। ओम ध्यानी जना लेखक, गायक व गीतकार जब दिन-रात अपरी भाषा-संस्कृति का खातिर काम कना छन तब हम तैं उम्मीद जगदा कि हमरी भाषा-साहित्य व संस्कृति लगातार अगनै बढ़नी राली। ये मौका परैं बरिष्ठ समाजसेवी व उद्यमी रामप्रसाद भदूला, साहित्यकार दिनेश ध्यानी, दर्शन सिंह रावत समेत समाज का कै गणमान्य लोगों तैं सम्मानित करेगे।
ये मौका परैं नैनी डांडा वेलफेयर संघ बुराड़ी का संस्थापक जसपाल सिंह भंडारी, केसर सिंह नेगी, संजय बिष्ट, धनपाल नेगी, पूर्ण सिंह, हरेंद्र बिष्ट , हरेंद्र रावत, मनीष रावत, सौरभ गोसाई, सतपाल गोसाई, मनवर सिंह, मातवर सिंह रावत, कृष्ण पाल रावत, संदीप रावत, पदम सिंह बिष्ट, सुरेंद्र सिंह रावत
, मनीष रावत , दिनेश ध्यानी
, ओम ध्यानी ,
प्रेम सिंह गुसाईं ,
जशपाल सिंह भंडारी ,
ओमप्रकाश भदूला जी ,
केशर सिंह नेगी ,
हरेन्द्र बिष्ट,
राकेश नेगी,
हरपाल सिंह रावत,
वीरेंद्र सिंह बिष्ट,
रज्जू बिष्ट,
दर्शन सिंह रावत,
मातवर सिंह बिष्ट,
पूरण सिंह रावत आदि उपस्थित छाया।
ये मौका परैं युवा कवि, गायक ओम ध्यानी ल बोलि कि मेरी कोशिश रैन्द कि अपरी भाषा, संस्कृति कु स्वरुप व भाव यथावत अपरा गीतों का माध्यम से समाज का समणि रखु। यु होरी कु गीत बि हमरी पुराणी लोक परंपरा व संस्कृति का अनुरूप रखणा कोशिश करीं च। रंगु कु त्योहार होली उत्तराखंड म बडा हर्ष अर उ ल्लास क दगडि मनये जांद फागुण क मैना होरि खेलण वला् होलियारों कि टोली गौं गौं म जैकी होरि खेलदन। युवा गायक ओम ध्यानी का अनुसार बसंत रितु का बगत डांडि कांठि बनिबनि क फूल पातू से सुसज्जित हूंणी रंदन। मिठि मिठि हवा अर स्वाणु स्वाणु घाम धरति कु श्रृंगार देखी पौंन पंछि डालि् बोटि यनु लगद जनु सबि प्रेम क रंग म रंग्यां होला। यना स्वाणा मौसम म एक युवा अपणि गैल्य कि गोरि गोरि मुखडि देखी स्वचणू च कि सबि रंगु म रंग्यां छन पर मेरि गैल्य कि मुखडि कोरि किलै होलि ।
ये भाव पर आधारित य एक लोकगायक कि कल्पना। जैतैं सुरबद्ध कैरी अपणु भाव एक गीत रूप मा उत्तराखंड का लोकगायक ओम ध्यानी जी अपणि कल्पना मा क्य बुना छन।
रंगू कू त्योहार ऐगे फागुणै कि होरी ।
मेरि मायदार की मुखडि किलै रैगे कोरी ।
फागुणा कु मैना देखा रंगिलि होरि ऐगे रै -२
डाल्युं मौल्यार फुलुम फुलार सौंजड्यों रंग लगैगे रै
फागुणा कु मैना देखा रंगिलि होरि ऐगे रै -२
राम जी संग म सीता कि होरि कृष्ण क संग म राधा कि होरी
बनिबनि क रंगुन रंगी छन सौंजड्यौं कि मुखडि गोरि -२
भोला भंडारी कु मां पार्वती बि भंगुलु घोटण लैगे रै
फागुणा कु मैना देखा रंगिलि होरि ऐगे रै -२
धर्म का संग म कर्म कि होरी ज्ञान क संग म संत कि होरी
डाल्यु क संग म फुलु कि होरी डाड्यूं क संग बसंत कि होरी
पौंन पंछि डालि् बोटि बि देखा कनि झुमण लैगै रै
फागुणा कु मैना देखा रंगिलि होरि ऐगे रै -२
हैसि मजाक मिठि गाल्यूकि होरी, दयूर भौज भीना स्याल्युंकि होरी
ढोल दमौं मसकबाज ,ढोलकि खंजरि ताल्युंकि होरी
गऊ- गए का होल्यरू कि टोलि होलि खेलणु ऐगे रै
फागुणा कु मैना देखा रंगिलि होरि ऐगे रै -२
बडा भैजी की सुरमा स्यालि,मन म बसीं तेरि मुखडि मयाली्
केसरि रंग लयूं तेरा खातिर ब्वैका सौं न दें तु गालि्
रंग त बानु च सच बतौं त्वैमा मन लैगै रै
फागुणा कु मैना देखा रंगिलि होरि ऐगे रै -२
– लोकगायक ओम ध्यानी
ये लोकगीत तैं आप लोकगायक ओम ध्यानी कु यूट्यूब चैनल पर सुणि व देखि सकदन। चैनल कु नौ Omkar Om Series
यूट्यूब परैं आप om dhyani song नौ से भी सर्च कैरि सकदन व देखि सकदन।
ये आयोजन म ओम ध्यानी का अलावा रज्जू बिष्ट, मुकेश कठैत, पूरन सुन्द्रियाल, शगुन उनियाल, अरुण कोली आदि गायकों ला गीत संगीत से लोगों कु मनोरंजन कैरी। नैनीडांडा वेलफेयर संघ का सब्बि पदाधिकारी केशर सिंह रावत, जसवंत रावत, व सदस्य तथा समाज का कै प्रतिष्ठित लोग उपस्थित छाया।
