नई दिल्ली। हिंदी व गढवाली का बरिष्ठ साहित्यकार रमेश चंद्र घिल्डियाल सरस कु हिंदी कविता संग्रह पलकों के पार सागर को लोकार्पण सुप्रसिद्ध लोक गायिका, कवियत्री डॉ कुसुम भट्ट क निवास रोहणी म है। घिल्डियाल जी का लगभग एक दर्जन से बंड्या पोथी हिंदी व गढवाली म प्रकाशित ह्वेगेन । खासकर उपन्यासकार का रूप म सरस जी काफी प्रसिद्ध छन । आपन हिंदी व गढवाली म खूब उपन्यास लिख्या छन । घिल्डियाल जी त के सम्मान व पुरस्कार बि लेखन का खातिर मिल्यां छन । आप लगातार लेखन का क्षेत्र म सक्रिय होणा दगडि गढवाल अध्ययन प्रतिष्ठान का अध्यक्ष बि छन । हर साल कम से कम द्वी साहित्यिक आयोजन आपकी
संस्था कर्द। ये का अलाव आप उत्तराखण्ड लोक भाषा साहित्य मंच, दिल्ली का संरक्षक मंडल का सदस्य बि छन ।
पलकों के पार सागर हिंदी कविता पोथी च। यीं पोथी म कविता, गीत व गजल बि छन । जीवन का हर भाव व परिवेश मैं आपल यीं पोथी म सहेजों च । गढ़वाल अध्ययन प्रतिष्ठान द्वारा प्रकाशित व लखेड़ा प्रिंटिंग प्रेस बिटिन मुद्रित ये कविता संग्रह म लगभग 62 पेज छन, कविता पोथी की हर कविता, गीत व गजल रमेश चंद्र घिल्डियाल जी का मनोभावों त व्यक्त करदन ।
ये सादगी से उरयों लोकार्पण म बरिष्ठ साहित्यकार सर्वश्री गिरीश बिष्ट हंसमुख सपत्नीक, जयपाल सिंह रावत, सुशील
बुडाकोटी, जगमोहन सिंह रावत जगमोरा, दिनेश ध्यानी, प्रदीप रावत खुदेड, वीरेंद्र जुयाल उपरि, डॉ कुसम भट्ट, पियूष
कुमार, लोक गायक राकेश गुसाई आदि लोग उपस्थित छाया। सब्बि उपस्थित लोगों ला घिल्डियाल जी की कविताओं कु पाठ कैरी
व डॉ कुसम भट्ट व राकेश गुसाई ला गजर व गीत का माध्यम से ये आयोजन त हो बि यादगार बण दे।
