रंत रैबार ब्यूरो दिल्ली।
नई दिल्ली। उत्तराखण्ड फिल्म एवं नाट्य संस्थान द्वारा उत्तराखण्ड सदन दिल्ली म एक समारोह म बरिष्ठ गजलकार पायश पोखड़ा व लेखक मदन मोहन सती तै प्रकृति का सुकुमार कवि सुमित्रानंदन पंत कि 127वीं जयंती का उपलक्ष मा *उत्तराखंड साहित्य सम्मान-2026* दियेगे। ये आयोजन म सम्मानित विभूतियों तैं अंगवस्त्र, पुष्पहार, प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह व नगद राशि भेंट करेगे।
उत्तराखण्ड फिल्म एवं नाट्य संस्थान की अध्यक्षा संयोगिता ध्यानी ल बोलि कि संस्थान पिछला कै वर्षों बिटिन यु सम्मान देंदा आणौ च। अगला साल बिटिन हर साल एक गढ़वाली, एक कुमाउनी साहित्यकार व जौनसारी तँ यु सम्मान प्रदान करे जालु। ये का अलावा संस्थान कला, संस्कृति व सामाजिक सरोकारों का खातिर लगातार काम करना च।
सम्मानित हूण वळा गजलकार पायश पोखड़ा व मदन मोहन सती ला बि अपरा विचार रखीं। पयाश पोखड़ा ला बोलि कि जिम्मेदारी भौत बढ़ि जान्दन मि अफु तैं इतगा बडु सम्मान का काबिल नि समझदु । फिर बि संस्थान ला मि तैं सम्मान दे यांका खातिर आभार। कै बि सम्मान का बाद हमरि ता मि अपरी कलम से न्याय कना कोशिश करलु। मदन मोहन सती ला बोलि कि मि अफु तैं साहित्यकार नि मन दू। जीवन का बाटों म जनि अनुभूति हे उन्नी कलम चलदा रै। कुछ पुस्तक, कुछ नाटक आपका समणी प्रकाशित छन। अगनै बि लगातार कोशिश रालि कि हौरि बढ़िया लेखु ।
बरिष्ठ पत्रकार सुषमा जुगराण ध्यानी ला पंत जी का व्यक्तित्व व कृतित्व पर बिस्तार से अपणी बात राखी। बरिष्ठ उपन्यासकार रमेश चन्द्र घिल्डियाल सरस ला बि सुमित्रानंदन पंत जी का जीवन परें
अपणा विचार रखीं। ये मौका परेँ बरिष्ठ साहित्यकार रमेश चन्द्र घिल्डियाल ‘सरस’, रामप्रसाद ध्यानी, दिनेश ध्यानी, डॉ सतीश कलेश्वरी, जगमोहन रावत ‘जगमोरा’, वीरेंद्र जुयाल उपरी समेत कै लोगों ला अपरी बात
राखी। उत्तराखण्ड लोकभाषा साहित्य मंच, दिल्ली का संयोजक दिनेश ध्यानी ला लोगों से अपील कैरि कि उत्तराखण्ड म गढवाली, कुमाउनी, जौनसारी अकादमी कु तुरंत गठन हूण चैंद, उत्तराखण्ड विधानसभा बिटिन गढ़वाली, कुमाउनी भाषाओं तँ संविधान की आठवीं अनुसूची म शामिल कना खातिर एक प्रस्ताव पास ह्वेकि केंद्र सरकार भेजण चैंद। दगड़ी भारत सरकार तैं गढ़वाली, कुमाउनी भाषाओं तैं संविधान की आठवीं अनुसूची म शामिल कन चैंद। यांका का खातिर लगातार जतन हूण चंदन। मंच लगातार ये बावत काम करणु च। सब्बि सामाजिक संगठनों व भाषा प्रेमी लोगों तैं अगनै ऐकी पहल कन चैन्द ।
ए अवसर परै संस्थान की अध्यक्ष संयोगिता ध्यानी, गढवाळि फिल्मों कि पैलि नायिका कुसुम बिष्ट, वरिष्ठ पत्रकार सुषमा जुगरांण ध्यानी, उत्तराखंड लोक भाषा साहित्य मंच का संयोजक दिनेश ध्यानी, वरिष्ठ साहित्यकार रमेश चन्द्र घिल्डियाल ‘सरस’, जगमोहन सिंह रावत ‘जगमोरा’, संदीप घनसाला ‘गढवाली’, वीरेंद्र जुयाल ‘उपरि’, लक्ष्मी नौडियाल, समाज सेवी अनिल पंत, राम प्रसाद ध्यानी, रोशनी चमोली, राखी बिष्ट, सुभाष गुसाईं, दि हाई हिलर्स ग्रुप का अध्यक्ष डॉ. सतीश कलेश्वरी, रंगकर्मी धर्मवीर रावत, अंजू भंडारी, दीनदयाल जुयाल, लक्ष्मी जुयाल समेत कै लोग उपस्थित छया।
कार्यक्रम कु सफल संचालन बरिष्ठ रंगकर्मी, कवि संस्थान का साहित्यिक सचिव दर्शन सिंह रावत ला कैरि।
