देहरादून। उत्तराखण्ड की प्राकृतिक सुंदरता हिमालयी पर्वतीय क्षेत्र, नदियां, झीलें, जंगल, धार्मिक अर ऐतिहासिक स्थल फिल्म निर्माताओं वास्ता आकर्षण कु प्रमुख केन्द्र छ। बतें जांद कि वर्ष 2019-20 बटि 2025-26 तक राज्य मा 1440 सि बि जयादा फिल्मों की शूटिंग ह्वे चुकिन।
यांसि राज्य मा फिल्म निर्माण का दगडा-दगड़ि होटल, परिवहन, कैटरिंग
अर अन्य क्षेत्रों मा रोजगार की संभावनी बढी छन ।
सरकार द्वारा उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद का माध्यम सि फिल्म उद्योग तैं बढ़ावा देण वास्ता प्रभावी प्रयास करै जाणा छन।
उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद का अध्यक्ष सि फिल्म उद्योग तैं बढ़ावा देण वास्ता प्रभावी प्रयास करे जाणा छन।
उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद पैली बार उत्तराखण्ड फिल्म पुरस्कार
2024-25 आयोजन कन्नू छ। यू पुरस्कारों क माध्यम सि वर्ष 2024-25 मा उत्तराखण्ड मा निर्मित या फिल्माकित फिल्मों अर उत्तराखण्ड की क्षेत्रीय बोलियों हिंदी अर संविधान की आठवीं अनुसूची मा शामिल अन्य भारतीय भाषाओं मा बणी फिल्में तैं सम्मानित छ। करे जालु, साथ ही उत्कृष्ट कलाकारों, तकनीशियनों अर फिल्म विद्या सि जुड्यां अन्य रचनात्मक व्यक्तियों तैं बि समान दिये जालु। यु पुरस्कारों वास्ता 16 अक्टूबर तक आवेदन करे जै सकद।
आपतै पता ही होलु कि 66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का राज्य कति, फिल्म अर कलाकारों तैं सम्मानित करेगे। उत्तराखण्ड तैं राष्ट्रीय स्तर पर फिल्म अनुकूल राज्य का रूप मा पहिचाण मिली
यख का नैनीताल, चकराता, मसूरी, देहरादून, ऋषिकेश, टिहरी, चकराता, चोपता, हर्षिल, औली, चारधाम क्षेत्र, जिम कार्बेट समेत गढ़वाल अर कुमाऊं क कति
प्रमुख क्षेत्रों तैं शूटिंग स्थलों क रूप मा अपणी अलग ही पहिचान बणै चुकिन।
उत्तराखण्ड फिल्म पुरस्कारों कु आयोजन स्थानीय फिल्मों भाषाओं, कलाकारों अर तकनीकी प्रतिभाओं तै पहिचाण अर सम्मान देण की अच्छी पहल छ। दगड़ा ही उत्तराखण्ड की बणणी फिल्मों तैं पहिचान, प्रतिभाओं तै सम्मान अर फिल्म संस्कृति तैं बढ़ाव देण की दिशा मा महत्वपूर्ण कड़ी साबि होलि।
