रंत रैबार ब्यूरो
रूद्रप्रयाग । तुंगनाथ मंदिर का कपाट शीतकाल वास्ता 6 नवम्बर तैं बंद कर दिये जाला। यांका बाद भगवान तुंगनाथ की उत्सव डोली शीतकाल मा मक्कूमठ मा विराजमान होलि।
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का मुख्य कार्याधिकारी न बतैं कि तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मंदिर का कपाट शीतकाल वास्ता 6 नवम्बर तैं पूर्व परम्परानुसार बंद कर दिये जाला।
वून बतैं कि भगवान तुंगनाथ की उत्सव डोली यात्रा 6 नवम्बर तैं सुबेर प्रस्थान कर रात्रि विश्राम वास्ता चोपता पैंछली वेका बाद सात नवम्बर तें रात्री विश्राम वास्ता मनकुन (गुफा) व आठ नवंबर तैं शीतकाल गद्दी स्थल श्री मक्कुमठ मंदिर पौछली।
वुनै विश्व प्रसिद्ध ग्यारवां केदारनाथ धाम का कपाट 23 अक्टूबर तैं गांगेत्री धाम का कपाट 22 अक्टूबर तैं अन्नकूट पर्व पर शीतकाल वास्ता बंद ह्वे गेन।
यांका बाद मा गंगा का दर्शन शीतकाल प्रवास स्थल मुखवा मा होला वखी यमुनोत्री ‘धाम का कपाट भैयादूज का पावन पर्व यानि 23 अक्टूबर तें शीतकाल वास्ता बंद ह्वेगेन।
ये साल 1768795 श्रद्धालुओं न बाबा केदार का दर्शन करि। प्राकृतिक आपदा तैं छोड़की पूरी यात्रा व्यवस्था सुचारू रै। कपाट बंद का मौका पर 10 हजार श्रद्धालु कपाट बंद का साक्षी बणिन।
