रंत रैबार ब्यूरो
चमोली । गैरसैंण मा स्थाई राजधानी की मांग तैं लेकी पूर्व आईएएस विनोद रतूड़ी का नेतृत्व मा गैरसैंण मा स्थाई राजधानी समर्थक गौं -गौं मा जैकि जन-जागरूकता अभियाना दौरान जनता बटि सुझाव लीणा छन।
स्थाई राजधानी गैरसैंण समिति का मुख्य संयोजक पूर्व आईएएस विनोद रतूड़ी न बतै कि सब्बि लोगों की एक ही राय छ कि स्थाई राजधानी गैरसैंण मा जल्दि सि जल्दि स्थापित हूण चैंणी छ।
वूनं बोलि कि एक राज्य का वास्ता राजधानी कु विकल्प उत्तराखण्डे जनता का दगड़ि छलावा छ। सुरक्षा का तौर पर बि एक मात्र विकल्प गैरसैंण उपयुक्त छ। वून बोलि कि अबि तक स्थाई राजधानी गैरसैंण समिति, नारायणबगड़ जैकि लोगों बटि मिल गेन। स्थाई राजधानी समिति गैरसैंण विकासखंड का रानों, बमोथ आदि गौं मा जेकी 9 नवंबरों मा भाग लीणों तैं लोगों सि अपील करी।
वूनं बोलि कि ये दौरान कर्णप्रयाग का मुख्य बजार मा शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करे जालू। वून स्थाई राजधानी की मांग तैं लेकी हणू वला आंदोलन मा जनता कु सहयोग मांगी।
गौं दौरा का दौरान रतूड़ी का दगड़ि रमेश थपलियाल, मुकेश भंडारी, चंद्र सिंह भंडारी, जितेन्द्र नेगी, लखपत भंडारी, प्रदीप लखेड़ा विजय सिंह, दीपा बहुगुणा, सुशील चौहान, काजल भंडारी, महिपाल सिंह, सुरेन्द्र कनवासी, गोपी डिमरी, बिरेन्द्र कठैत, विजय चमोला, टीका प्रसाद, एस. एस. भण्डारी, प्रणवेन्द्र प्रसाद, सुधीर डिमरी, सौरभ डिमरी, शुभम अनभिका आदि मौजूद छा।
श्री रतूड़ी न बोलि कि राजधानी कु मैदान मा हूण पहाड़े जनता का दगड़ि सबसे बडु अन्याय छ।
शिक्षा, स्वास्थ्य अर रोजगार जन बुनियादी सुविधाओं का वास्ता पहाड़ आज तरसणू छ। यां कु दुख, अर सुविधा नि हूणो दर्द सिर्फ पहाड़ मा रौंण वला ही समझ सकदन।
