उत्तरकाशी क मंदिर श्रंखल
(संकलन- लोकप्रिय लेखिका अनिता नैथानी ढौंडियाल)
उत्तराखंड म भगवान सूर्य क मंदिरों कि बात करे जाव त सबसे पैली अल्मोड़ा- रानीखेत क रस्त म स्थित कटारमल क सूर्य मंदिरौ कु ध्यान औंद। यख स्थापित सूर्य देबता तैं बड़ादित्य क नौ से जणै जांद।
उत्तरकाशी जिला क टकनौर पट्टी म क्यार्क अर रैथल गौं क बीच एक भौत पुरणु आदित्य मंदिर छौ जु अब थोड़ा भौत बच्यूं च इन बोल्दन।
उत्तरकाशी जिला क ही नौगौंव क उत्तर- पश्चिम क मंज्याली गौं म मूसादेवी कु एक मंदिर छ जु सूर्य तैं समर्पित छौ।
जिला मुख्यालय बटी २० किमी दूर ३६०० मीटर ऊंचै म क्यार्क म मिल्यां इ मंदिर ८ अर ९ वीं शताब्दी क छन। पुरातत्व विभाग न १९९८ मा यूं मंदिरों कु सर्वे कैरी अपरी रिपोर्ट म बतै छौ कि ये मंदिर समूह क मुख्य मंदिर ध्वस्त ह्वे ग्यनीं।
इन दुर्लभ सूर्य मंदिर समूह कु पुरातत्व विभाग न अधिग्रहण त कैरी पर यूंकी रख रखाव अर सुरक्षा कु क्वी बन्दोबस्त नि कौरी।अब इ हाल छन कि इ अमूल्य मूर्तियूं कि चोरी होणी छन। भूमि आमलक अर अमलसारिका यखा मुख्य मंदिर छन। बकि मंदिरों क होणा सबूत मिल्यां छन।
मुख्य मंदिर म द्वी भुज सूर्य कि खड़ी मूर्ति च अर मुकुट,कुंडल पैर्यां छन।कमलम कटार अर तालम पिछनै ऊंकी द्वी पत्नी रागी अर निष्प्रभा छन। इ मूर्ति खंडित ह्वे ग्यनीं। यूं मूर्तियूं दगड़ भगवान बिष्णु कि मूर्ति भि च पर वींकु केवल मत्थी हि सुरक्षित च। मंदिरों क भैर म चतुर्भुज गणेश जी कि टुटीं अर धंसीं मूर्ति भि च। मंदिरौ प्रवेश द्वार पूरब दिशा मा च। येकि एक तरफ गंगा अर दुसरी तरफ यमुना च। मंदिरा भितर चतुर्भुज गणेश ललितासन मा छन। मंदिरा बगलम हौर भि कै मंदिरों क निसान छन।
