रंत रैबार ब्यूरो….
देहरादून। उत्तराखण्ड मा बर्खा अर ह्यू पडण सि यख ठंड बडिगे। नैनीताल, चकराता अर ओली का आसपास का इलाकों में हंयू पडण सि सरि डांडी-काठी चंदि सि चम्काणी छन। यूं इलाकों मा पैदल बाटों अर पुंगड़ों मा बि यूं जमगि।
पहाड़ मा जख हाडकम्पै ठंड हुई छ वखि मैदानी इलाकों मा लोग-बाग ठंड सि बचण वास्ता सुबेर शाम अलाव जैल कि बैठयां छन। दिन मा त घाम म तेजी छ। मौसम विभाग का अनुसार पहाड़ का ऊंचा इलाकों मा हल्की बर्फबारी की संभावना व्यक्त करि छ।
पहाड़ा मा बर्फबारी का चल्द मैदानी क्षेत्रों का अचणचक तापमान मा भारी कमी ऐगि। मौसम का बदलदा मिजाज का कारण औली, केदारनाथ, बदरीनाथ, हेमकुंड अर फुलों की घाटी समेत उच्चा
हिवाळ मा बस्यां गौं का लोग घरों मा कैद होणो मजबूर छन। पहाड़ों मा हर साल बर्फबारी कारण लोग पूरी तयारी कैरी रखदन। चूंकि सड़क यातायात प्रभावित होण से लोग्वी गतिविधि ठप्प हवे जांद। कथगै दां यिनि स्थिति बि ऐ जांद जब अति हिमपात होण से गौं का बाटाघाटा बि चल्न लैक निरै जांदा ये वास्ता लोग हफ्तों तक घरों मा कैद हवेकि रै जांदन।
चकराता का पहाड़यों मा कति फीट बर्फ पड़न से जख सैलानी मौज ल्हेणा छन वखि जनता कि जिंदगी दूभर होयीं छ। यांकै चल्द तराई वला देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार अर ओरपोर का क्षेत्रों मा ठण्ड छ। देंद।
पहाड़ों मा हिमपात से पैदा ठण्ड कि प्रतिक्रिया मैदानी इलाकों मा धुंध का रूप मा यखणो मिल्नी छ। कुदरत को वि अपणु अलग हि मिजाज छ। वींका
बर्ताव का बारा मा पूर्वानुमान लगौणु सीधा-साधा वीतें चुनौती देणु जनु छ। प्रकृति कि खासियत या छ कि वो जाणकारों का हर पूर्वानुमानों तैं झूठा साबित कर
अकसर होंदो यो छ कि सरकार होवन चै सामाजिक संगठन ह्यूंद औण से पैलि जड़ा से निबटणो उयार कर लेंदा छा। खासतौर पर जो खुला अगास तौल ठण्ड बितौणो मजबूर हॉदन वृंका वास्ता गर्म कपड़ों को इंतजाम करे जांद जगा-जगा आगी भडटग (अलाव) जगै कि रखो जाण व्यवस्था करे जांद। यि काम दिसम्बर का मध्य मा करे जांदन। तब जड्डु ठीक ठाक शुरू हवे जांद। चारधाम बर्फ से ढकै ग्येनि। सीमांत जिलों का वासी एकाएक ठण्ड कि चपेट मा ऐ ग्येनि। कड़क ठण्ड कि मार का कारण गरीब-गुरबों कि दुर्गति होयीं छ। दरसल मौसम क्वी बि हो वेकि अति देश का
उत्तरी क्षेत्र तैं हि झेलण पड़द। ठण्ड कि लम्बी अवधि का कारण गरीबों खुण ज्यानलेवा साबित होंद। अर सरकार का जो मृत्यु आंकड़ा होंदन वो गरीबों पर ये आधारित होंदन। ह्यूंद्या मैनों मा वो जडान म्वरदन। उत्तराखण्ड का डांडा-कांठों मा यूं पड़णू छ। चारधाम अर हेमकुण्ड साब बर्फ कि मोटी चादरों तौल दव्यां छन। बर्फ काफी निचला इलाकों तक पड़न से गौं वलों कि जिंदगी मुशकिल होयीं छ। चमोली, रूद्रप्रयाग, पिथौराढ़, मुनस्यारी, धारचूला, चम्पावत, रानीखेत जना इलाका कड़ा ठण्ड की चपेट मा छन। जबकि तराई वला क्षेत्रों मा पालु पड़न से जडान आफत मचयीं हाट बाजार धाम औण पर हि खुल्ना छन। यांसे कारोबार वि न का बरोबर होयूं यिनै चकराता, त्यूणी अर बींका ओरपोर छ। छ। का क्षेत्रों मा भारी ठण्ड पड़नी छ।
