व्याकरण (Grammar) / क्रिया (Verb)
क्रिया (Verb)
जै शब्द ण कै काज करणो /हूणों/ अंदाज़ ह्वाऊ वै शब्द तै क्रिया बुल्दन
गढवाळी मा पांच तरां क्रिया हुन्दन
१- नामिक क्रिया
२- समस्त क्रिया
३- व्युत्पन्न क्रिया
४- मूल या सधारण/आम क्रिया
५- संयुक्त /जुड्यीं क्रिया
नामिक क्रिया
सबि क्रिया मूल क्रिया नि हुन्दन .
संज्ञा या सर्वनाम पर पूछड़ी (प्रत्यय ) लगैक ज्वा क्रिया बणदि वीं क्रिया तैं नामिक क्रिया बुलदन
संज्ञा क्रिया
रंग रंगौण
घात घत्याण /घ्त्यौण
खिर्स खिर्सेण
लिक़ लिकौण
सर्वनाम क्रिया
अपणु अपनौण /अपणोऊण (apnaun)
विशेषण क्रिया
नेडू निडाण / निड़ोउण (nidaun)
पुरु पुर्याण / पुरयोंण (puryaun)
समस्त क्रिया
जु क्रिया द्वी क्रियौं जोड़ से बणी ह्वाऊ वीं क्रिया तैं समस्त क्रिया बुल्दन
चलण -फिरण
पढ़ण-लिखण
अनुसरणनात्मक क्रिया
ज्वा क्रिया ध्वनि क हिसाब से बणद वीं तैं अनुसरणनात्मक क्रिया बुल्दन
ध्वनि क्रिया
थप – थप थपथ्प्याण
च्वीं-च्वीं च्वींचाण
व्युत्पन्न क्रिया
जब मूल क्रिया तैं व्युत्पित करे जांद त व्युत्प्न्नात्म्क क्रिया बुले जान्द
उदारण
१- रावत जी पतंग उड़ाणा छन
२- रावत जी चखुल उड़ाणा छन
इखम २- मा चखुल उड़ाण प्रेरणात्मक क्रिया च किलैकि इखम रावत जी (संज्ञा/सर्वनाम ) चखुल तैं उड़णो प्रेरणा दींद
मूल क्रिया
जु क्रिया णा त व्युत्पन्न च नाइ जोडिक बणी च वा मूल क्रिया हूंद
जन ——बुलण , पेण , सीण
संयुक्त क्रिया
द्वी धातुं जोड़ से बणी क्रिया संयुक्त क्रिया होंद
जै सकदु
खै सकदु
खै ल्या
लत्याण चयांद
अधार : श्रीमती रजनी कुकरेती कि गढवाळी भाषा व्याकरण
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