देहरादून। दून पुस्तकालय अर शोध केंद्र मा धाद साहित्य एकांशा संयोजन मा डॉ. अवनीश उनियाल कि काव्य पौथि धार का पेड कु लोकार्पण करये गे। लोकार्पण कार्यक्रमा बाद यीं पौथि पर छवी बात भी कर्या गे। मुख्य अतिथि अनिल रतूडी पूर्व महा निदेशक पुलिस अर अति विशिष्ट अतिथि राधा रतूडी पूर्व प्रमुख सचिव अर वर्तमान मुख्य सूचना आयुक्त उत्तराखंड छा । कार्यक्रमै अध्यक्षता डॉ. सुधा रानी पाण्डे पूर्व कुलपति संस्कृत विश्वविद्यालयन करि। जनकवि डॉ. अतुल कुमार शर्मा विशिष्ट अतिथि का रूप मा रैयां। संचालन जण्या मण्या शायर शादाब अलिन करि। पोथी पर समीक्षात्मक वक्तव्य साहित्यकार डॉ. उमेश चमोलान दीनि। धाद साहित्य एकांश कि संयोजक कल्पना बहुगुणा बोलि कि एकांश कि गतिविधियों मा पोथी चर्चा अर लोकार्पण भी शामिल छ। धाद प्रकाशक कोना कक्ष संयोजक गणेश चंद्र उनियाल कु बोनु छौ कि उत्तराखंडा स्कूल्या नौनो तक साहित्यकारों कि पोथी पौछौण कु प्रयास धाद कनु छ। या पोथि यीं दिशा मा एक प्रयास छ। डॉ. अवनीश उनियालन यीं पोथी मा अई गजल अर कविता सुणेन। पोथि पर समीक्षात्मक वक्तव्य मा साहित्यकार डॉ. उमेश चमोलान बोलि कि ‘धार का पेड़’ पोथि मा उत्तराखंड का लोक कि सुगंध छ। धार कु डालु उच्च सोच अर वैचारिक दृष्टि कु प्रतीक छ। यीं पोथि मा आजक्लै परिस्थितियों कु छैल छ दिखेणु। यि कविता गैरा अंधेर्या मा छन उपजिं पर यों मा आशा कु दयू जल्दु छ दिखेणु। यों कवितों मा अंतिम फैडी मा खडा मनखी फिकर छ दिखेणी। डॉ. विद्या सिंहन सबि अतिथियों कु स्वागत करि अर तौतें धन्यवाद दीनि। मुख्य अतिथि अनिल रतूड़ी न् बोलि कि यीं पोथी मा लेखकन अपणी भावना, विचार अर अनुभूति भौत स्वाणा ढंग से व्यक्त छ करी। अति विशिष्ट अतिथि राधा रतूडी न् बोलि कि या पोथी एक गुलदस्तै चरों छ जै मा भाव, मानवीय संवेदना अर पहाडि परिवेश छ दिखेणु। डॉ. अतुल शर्मान बोलि कि या पोथि उम्मीद जगोंदि कि हिन्दी कविते नयी पीढी मौलिकता पर काम कना दगडि व्यवस्था का विरोध मा डॉ. अवनीश उनियाल कि काव्य पौथि ‘धार का पेड़’ कु ह्वे लोकार्पण
