द्याखदी उ कन ध्वका दे गेन छवीं लगैन बड़ी बड़ी अर मी यखुलि छोड़ गेन
विश्वास देकी सि विश्वासघात कन कै गेन समझम यन नि आणी आखिर सौं करार कन भूल गेन
रात त निंदम कटे बि जाली पर सि दिनम बि अंध्यरू कै गेन कनु जोग रै ह्वालू म्यारू जु अब तौंका फोन बि बंद ह्वे गेन
कै ढुंगु पूजू कैं देबी मा जौं अब त पितर बि झणि कख चल गेन मीकू अंध्यरू हुयूँ चौ तरफी, अब त सिर्फ आख्यु मा पाणी अर सुसगरा बाकी रै गेन ? ?
* जी एन चमोली
