अपणि माटी-थाती कि रीत खेलणु रै जब तलक है साक लता गौं जाणु रै। अपणि माटी-थाती कि रीत खेलणु रै जब तलक है साक लता गौं जाणु रै।
डांडि कांठि गौ गलयों की खुद बिसराणु रै आंद जांदा मनख्यौं म छ्-वीं लगाणु रै। डंड्यळि तिबारी चुल्लु चैक पाणी पंदेरा जै छनि गुठ्यार गौडि भैंस्यों कि भुक्कि पेकि ऐ। अपणि मांटी-थाती कि रीत निभाणु रै जब तलक है साक लाटा गौं जाणु रै।
आरू तिमला बेडु ग्वीराल तौ भेटिकि ऐ रूडि गौं म जैलु लाटा काफल तु खै। बालपन का नप्यां बाटा डांडि कांठ्यों जै ग्वर बाटों की माटी थें तु सीस म लगै। अपणि माटी-थाती कि रीत निभाणु रै जब तलक है साक लाटा गौं जाणु रै।
नाता रिश्ता मौ मिटौण सबि निभाणु रै दीसा ध्याणी म्यरा लाटा बिसरि तु नि जै। बोलि-भाषा रीति रिवाज तौं बचाणु रै गौं समाज म्यरा लाटा सबि चितळु कै। अपणि माटी-थाती कि रीत निभाणु रै जब तलक है साक लाटा गौं जाणु रै।
