रंत रैबार ब्यूरो….
देहरादून । उत्तराखंड का गढ़वाली अर हिंदी साहित्य का सशक्त हस्ताक्षर डॉ सत्यानन्द बडोनी तैं युगधारा फाउंडेशन लखनऊ, उत्तर प्रदेश द्वारा अयोध्या धाम राम लला पैलेस सभागार मा प्रायोजित कार्यक्रम मा डॉ सत्यानन्द बडोनी तैं हिंदी साहित्य का कति क्षेत्र मा श्रेष्ठ लेखनी का माध्यम सि हिंदी साहित्य तैं पुष्पित अर पल्लवित कन्न का खातिर राष्ट्रभाषा हिन्दी का प्रचार प्रसार करिक साहित्यिक उन्नयन का वास्ता साहित्य गौरव सम्मान सि सम्मानित करै गै।
डॉ बडोनीऽन बताई कि हिन्दी साहित्य का पुरोधा वयोवृद्ध साहित्यकार डॉ श्रीनिवास शुक्ल सरस कि किताब द्वादशायतन काव्य संग्रह तैं गढ़वाली मा अनुवाद करिक गढ़वाली तैं हौर प्रांतु मा पौछौंण कु काम करि। द्वादशायतन काव्य संग्रह गढ़वाली, असमिया, कुमाऊनी, मराठी, राजस्थानी, छत्तीसगढ़, मालवी, बुन्देली कर बघेली बोली भाषौं का साहित्यकारूऽन अपणि बोली भाषा मा अनुवाद करि।
डॉ बडोनी हिंदी साहित्य तैं समृद्ध कन्न मा लगां छन।
आज तलैं डॉ बडोनीऽन शैशव, ताता दूधै घूट, पिंटू बोला मम्मी से कविता संग्रह, बस ! इथगि चैन्दू कथा संग्रह, उत्तराखंड हिमालय, बूंद बूंद सागर अर बडोनी वंशावली जना अद्भुत साहित्य दी तैं हिंदी साहित्य तैं समृद्ध करि।
