लोकप्रिय लेखिका अनिता नैथानी ढौंडियाल
सेममुखेम नागराज उत्तराखंड क टीरी गढ़वाल जिला म स्थित एक परसिद नागतीर्थ च। श्रद्धालुओं मा यु सेम नागराजा क नौ से परसिद च।मंंदिरौ सुंदर दरोजू १४ फुट चौड़ू अर २७ फुट ऊंचू च,जामा फन फैलयां नाग क ऐंच भगवान कृष्ण वंशी क धुन मा लीन छन। मंदिर म जाणा बाद नागराजा क दर्शन होंदन। मंदिर क गर्भगृह मा नागराजा कि स्वयं भू शिला च। य शिला द्वापर युग कि बतये जांद। मंदिर क दैं तरफ गड्गु रमोला क परिवारै मूर्ति स्थापित छन। सेम नागराजा कि पूजा करण से पैली गड्गु रमोला कि पूजा करे जांद।
सेम नागराजा कि कै कथा छन।इन मनै जांद कि ईं जगा म भगवान श्रीकृष्ण कालिया नाग कु उद्धार करणू ऐ छा। उबरी ईं जगा म गड्गु रमोला कु राज छौ। श्रीकृष्ण न वेसे कुछ जमीन मांग पर वेन बोली कि उ कै चलदा फिरदा यात्री तैं जमीन नि देंदू। फिर श्रीकृष्ण न अपरी माया दिखै तब गड्गु रमोला न ईं शर्त म कुछ जमीन दे उ एक हिमा नौ क राक्षस तैं मार द्या जैसे उ भौत परेशान छौ।
इन भि मनै जांद कि एक बार श्रीकृष्ण यखम ऐनी अर ईं जगा कि हैर्यली, पवित्रता अर सुंदरता से भौत खुश ह्वेकि यक्खी रौंणू फैसला करी पर भगवान श्रीकृष्ण म यखम रौणै जगा नि छै त ऊन राजा गंगू रमोला से सात हात जगा मांग पर गांगू रमोला न इ सोची कि कै अजाण तैं जगा देण ठीक नी च ना बोल दे।
भौत टैम तक भगवान श्रीकृष्ण वीं जगम रैनी।इन बुलै जांद कि एक दिन नागवंशी राजा क सुपिना मा भगवान श्रीकृष्ण ऐनी अर ऊंन अपरा यखम रौणा बारा मा नागवंशी राजा तैं बतै। नागवंशी राजा न अपरी सेना दगड़ भगवान क दर्शन कन्न चै पर राजा रमोला न ऊंतै अपरी जमीन म नि औंण दे त नागवंशी राजा भौत गुस्सा ह्वे अर राजा रमोला पर लडै कु मन बणै पर पैली ऊंन राजा रमोला तैं भगवान श्रीकृष्ण क बारा मा बतांण ठीक समजी अर ऊंन राजा रमोला तैं श्रीकृष्ण क बारा मा बतै। तब राजा रमोला न श्रीकृष्ण कु रुप देखी त वे तैं अपरा व्यौहार पर भौत सरम ऐ अर हाथ जोड़ी माफी मांगी। भगवान न भि माफ कैर ध्या।तब बटी भगवान श्रीकृष्ण वख नागवंशियों क राजा क रूप मा जणै जांण लग ग्यनीं।
कुछ टैम बाद भगवान न हमेशा कु तैं एक बड़ा ढुंगा क रुप म विराजमान होण स्वीकार कैरी कि अपरा धाम चल गेनी। ये ही ढुंगा कि आज भि नागराजा क रूप मा पूजा होंद। भक्तों की आस्था च कि भगवान श्रीकृष्ण कु एक अंश अबि भि ये ढुंग म विराजमान च अर करोणों लोगूं की मनोकामना पूरी होण क कारण य बात सिद्ध भि होंद।
कनै पौंछे जाव
उत्तराखंड क श्रीनगर से पैली एक गडोलिया नौ कु छ्वटु सि गौं च यखी बटी एक रस्ता नै टीरी कु जांद अर दुसरु लम्बगौं। लम्बगौं क रस्तम टीरी झील भि दिखेदीं। लम्बगौं सेम जाणू मेन पड़ाव च। पैली जब सड़क नि छै त यात्री एक रात यक्खी ठैरदा छा।यख बटी १५ किमी खड़ी चड़ै चण्णा बाद सेम नागराजा क दर्शन होंदन। अज्यूं भि मंदिर बटी ढै किलोमीटर ताल तलबला सेम तक हि सड़क च। लमगौं बटी ३३ किमी कु सफर बस य टैक्सी से तै करी तलबला सेम तक पोंछे जै सकदु। लम्बगौं बटी १० किमी अगने कोडार नौ कु छ्वटु सि गौं आंदु।यख बटी घुमावदार अर संकरी सड़कों से ह्वेकि १८ किमी क बाद मुखेम गौं आंद जु सेम मंदिर क पुजर्यूं कु गौं च।यु गंगू रमोला कु गौं च जु रमोली पट्टी कु गढपति छौ अर जैन सेम मंदिर बणै। मुखेम बटी ५ किमी अगने तलबला सेम ओंद जख भैरू घासक लंबू मैदान च।किनरा पर नागराजा कु छ्वटु सि मंदिर च परम्परा क अनुसार पैली यखमी दर्शन करण जरुरी च।यक्खा क लोगूं कि यखम दुकान छन जामा खाण पेणै सुबीता च। यख बटी करीब ढै किलोमीटरै पैदल चड़ै च।मंदिरौ रस्ता घैणा जंगलौं का बीच च।
