दिल्ली (जगमोहन रावत द्वारा) । जगमोरान जांद-जांद अपणि वक्याबाणी बांचि गे- सुश्री कुसुम तुम जल्दी पद्मश्री से सम्मानित ह्वेला। संज्ञान देंदु कि डॉ कुसुम भट्ट एक सिद्धहस्त पजल पाठक होणा नाता कुसुम जगमोरा पजल पारखी सम्मान से भी सम्मानित छन।
बल कुंडळी क्या दिखणै, मनु पंवारै मुंडळी हि देखि ल्यादि। मनु पंवार को सारगर्भित संदर्भित आलेख अपणा आप मा हरेका मनै बात बोलि गे। मनु पंवारै मनै पावर, ह्वे सौ टनै बराबर।
कुसुम भट्ट तुम सुखी संत रयां, जुगराज रयां। तुमरा ज्यू मा भाषै बडूली, गला मा संस्कृति घंडूली, मुंड मा साहित्यै गडोली, मन मा पंडौ मंडाण अर खुट्टों मा गरूड़ी पराज रयां।
