अर शिल्पकार अधिकारौ पुरोधा
जसपुर का विशेष व्यक्ति श्रृंखला 5……
(भीष्म कुकरेती)
मीन अपर पुस्तक ‘ उत्तराखंड का पर्यटन व चिकित्सा पर्यटन इतिहास ‘ म लेख कि शिल्प निर्यात स्थल प्रसिद्धि व व्यापार हेतु आवश्यक कारक च। भौत स्थलों म मीन लेख बि च कि प्राचीन गाँव जसपुर (द्वारीखाल ब्लॉक , पौड़ी गढ़वाल ) की प्रसिद्धि म सबसे बड़ो हाथ जसपुरा शिल्पकारों क च। जसपुरा शिल्प से गाँव प्रसिद्धि, गाँव बिटेन निर्यात व गांवक पर्यटन उद्यम विकास पंवार वंश राज्य से आज तक शिल्पकारों कारण च अर ब्रिटिश काल म बहुगुणा ब्राह्मणों को कारण बि जसपुरा प्रसिद्धि म वृद्धि ह्वे। आज भि जसपुर (मल्ला ढांगू ) भवन निर्माता , कुशल बढ़ई , आधुनिक रसोई उपकरण मरोम्मत करण , कृषि कार्य शिल्पी , कुण पूरा गंगासलाण म प्रसिद्द च।
इन बुले जांद बल (पिताजी की बोडी स्वर्गीय क्वाँरा देवी शीशराम कुकरेती को कथन ) हमर लोहार (सुदामाराम -बृजमोहन जी क पुरखा हम कुकरेतियों दगड़ ही पंद्रहवीं सदी म जसपुर म बस छा। तब से ही जसपुर शिल्प हेतु प्रसिद्द छौ। उनीसवीं सदी म जसपुर म सुनार बि बसाये गेन। लक्ष्मण विद्यालय इंटर कॉलेज देहरादून म संस्कृत अध्यापक स्वर्गीय पीतांबर कोठियाल (टिहरी निवासी ) क्लास म म्यार संदर्भ म बतांदा छा कि जसपुर की घांडी , हुक्का व भांड टिहरी दरबार म बि खरीदे जांद छा। इनि म्यार डबरालस्यूं , लंगूर , शीला , उदयपुर का भौत सा मित्र भि बुल्दा छा कि कबि न कबि उंका गाँव म बि जसपुर की घांडी , घंडल , भांड (डिबल ) , हुक्का खरीदे गे छे। ब्रिटिश काल म तो ढांगू वळ सोना का कार्य बिजसपुर म ही करांदा छा।
जसपुर गां ही ना मौजा ग्रामसभा जसपुर म सौड़ का भवन निर्माता व छतिंड का बाड्यों का शिल्पकार बि जसपुर की ख्याति वृद्धि करदा छा।
यूं इ महान शिलपारों मदे म्यार युवा समय म प्रसिद्ध ह्वे छा स्वर्गीय गैणु दा (गंगाराम जी ) जो भौं भौं कांसा या पितळौ मंदिरों घांडी , गोरुं घांडी/घंडल हुक्का विशेषकर नारियल नुमा हुक्का , निर्माण म निपुण छा गैणु दा की प्रसिद्धि पूरो गंगासलाण म छौ (द्वारिखाल व यमकेश्वर ब्लॉक व कुछ भाग दुग्गड़ा ) .
गैणु दा गंगाराम जी ) हम स्कुल्यों कुण स्कूल म दियुं मृदा कला क चीज बि बणैक दींदा छ जनकि माटक क्याळा , आम आदि।
गैणु दा गंगाराम जी ) शिल्पकार सम्मान व अधिकार प्रति बड़ा सजग छा। . भौत बार गैणु दा शिल्पकार अभिमाना कुण सरा गाँव वळों क विरोध म उत्तर जांद छा जन मथि पाणी हौज (ये से मुड़ी पाणी म पाणी कमी ह्वे जांदी छे व गांव तै सरकारी सहयता मील और शिल्पकारों कुण कुछ नि मील किलैकि शिल्पकारों खेत इ नि छा..)
गैणु दा गंगाराम जी ) निरंकारो भक्त छा।
गैणु दा सदा शिल्पकारों क बच्चों क शिक्षा प्रति संवेदनशील छा। शिल्पकार समाज तैं बच्चों तैं स्कूल /कॉलेज भिजणो सलाह दींदा छा।
जब भि जसपुर की प्रसिद्धि व विभूतियों क उल्लेख होलु गैणु दा (स्वर्गीय गंगाराम जी ) को नाम अवश्य उल्लेख होलु।
