(जसपुरा विशेष व्यक्ति श्रृंखला – 9 )
भीष्म कुकरेती
मेरी दृष्टि से सुनार खिमा बडा ( खिमा नंद शाह जी ) जसपुरौ सच्चो दूत छा।
सुनार खिमा बडा ( खिमा नंद शाह जी ) जसपुर म समृद्ध परिवारा छा। सुनार खिमा बडा ( खिमा नंद शाह जी ) क पुरखों तैं ग्वील -जसपुरा पधान टिहरी से लैन अर जसपुर म बसाई। सुनार खिमा बडा ( खिमा नंद शाह जी ) क पुत्र श्री बीरु जी बुल्दन बल तभी तो हमर जमीन हमर कब्जा म छे (कब्जेदार ) अर नाकि सिरतान या खैकर .
छरहरा बदन का, तार वळ चश्मा का सुनार खिमा बडा (खिमा नंद शाह जी ) की सुनारगिरि खूब चलदी छे अर ढांगू म पाली क अलावा सुनार जसपुर म ही छा। तो खिमा बडा (खिमा नंद शाह जी ) की आय थीकि छे ।
खिमा बडा ( खिमा नंद शाह जी ) का तीन बेटा छा स्वर्गीय मुरारी लाल जी , बीरु दा अर बच्चू लाल शाह। बच्चू दा म्यार सहपाठी छौ जब लखनऊ म च।
खिमा बडा अर बीरु दा सब प्रकारा सोना चांदी क आभूषण निर्माण करदा छा। गुलबंद निर्माणा तो विशेषज्ञ छा।
तौंक अण साळ घर म उबर म छे अर बैठक हुक्का पींदा छा।
खिमा बडा ( खिमा नंद शाह जी ) क दगड़ सुनारौ कार्य बीरु दा सुनारगिरि करदो छौ। अब बीरु दा न यु कार्य छोड़ दे।
मुरारी दा क ब्यौ से ही डोला पालकी शुरू ह्वे।
खिमा बडा ( खिमा नंद शाह जी ) ईमानदार सुनार मने जांद छा। बड़ो तिबारीदार कूड़ छौ।
खिमा बडा ( खिमा नंद शाह जी ) भैर कखि दुसर गाँव जांद छा तो उख यदि जसपुर की बेटी हो तो वीं तैं दुअन्नी , चवन्नी या रुपया (मंहगाई अनुसार कीमर बढ़दी गे ) भेंट अवश्य दींदा छा अर तभी तो वूं तैं न जसपुरा दूत मने जांद छौ।
सन सहत्तर उपरान्त पलायन म भौत वृद्धि ह्वे तो खिमा बडा ( खिमा नंद शाह जी ) क सुनार उद्यम पर भी प्रभाव पोड़। एक तो लोक संख्या कम ह्वे गे छा अर लोग मैदान म जाण गीज गे छा तो रेडी मेड गहणा गाँव म प्रचलित ह्वे गे छा।
खिमा बडा (खिमा नंद शाह जी ) को देहवसानो उपरांत बीरु दान सुनारगिरि छोड़ दे छौ।
खिमा बडा (खिमा नंद शाह जी ) जन कलाकारों को ही कारण दुसर क्षेत्रों म बि नाम छौ अर जसपुर से निर्याय हूंद छौ।
खिमा बडा ( खिमा नंद शाह जी ) सुरक सुरक बुलण वळ , ईमानदार , जसपुर क धर्म निभाण वळ मनिखाक रूप म याद करे जाल।
