श्रीमान जी – हैप्पी वैलेन्टाइन डे.
श्रीमती जी -आज तक तो यू वैलेन्टाइन डे कबि नि ह्वे मि खुणी .जरूर कुछ दाल मा कालु च.
श्रीमान जी – अरे पिछलि साल मिन आपर गमला को गुलाब पूजा खुणी गुप्ताणी बौ ता क्या दे छै कि यू म्यार मुंड को उठ्यूँ गुरूमुल अबि भि उनि च, तीन बेलन जो फेकीक मार म्यार कपाल पर.
श्रीमती जी -तुम आज द्वि बजि दिन बिटि कख छ्याई
श्रीमान जी -अरे त्वे खुणी गुलाब लिणो जायूँ छ्याई.
श्रीमती जी -अच्छा मिन टीवी मा द्याख, धरमु न बताई अर दिखे कि श्रीमान जी तै कहानी लेखन मा नगद पुरस्कार मिलणु. पर बीच मा लाइट चलि गे तो पता नि लग कि कतुक नगद..
श्रीमान जी -अच्छा, वो. हाँ मिते जो राशि मिल मि गुलाब लेक आई गयों .
श्रीमती जी -बस पचास सौ रुप्या. ये तो नहीँ हो सकता. बन ठन के तो इन गए थे कि..
श्रीमान जी -अरे तो बाकी टेक्सी को किराया.. कुछ नि बचयूं..
श्रीमती जी -अच्छा, मि रावत जी ते पूछलु, वो भि छ्याई तुमार दगड मिन टीवी मा लाईव कार्यक्रम द्याख.
श्रीमान जी -हाँ, रावत जी ते तो मिन आंद दफे सोना रूपा रेस्टोरेंट कनाट प्लेस मा जूस पार्टी दि आल, वू कुछ नि बुल्यणा..
श्रीमती जी -अच्छा तो सब पैंसा फुकी याळ पुरस्कार की जूस पार्टी मा तबि तो मि सुचणु कि लाईव कार्यक्रम तो आधा घंटा मा खतम ह्वे गे तो यूँक इत्तगा देर तक कख..मि रावत जीक भी वूंकी घार जैकि अबि ख़बर लिंदु….
श्रीमान जी.. हे भगवान, कन मोरि आज म्यार भुला रावत भि म्यार चककर मा…