रंत रैबार ब्यूरो…..
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी न 210 किमी लंबी दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर कु रिमोट बटन दबेकी लोकार्पण करि। यांसे पहली प्रधानमंत्री न गढ़ी कैंट तक 12 किमी लंबा रोड़ शो मा प्रतिभाग कन्ना दगड़ि डाटकाली मंदिर मा दर्शन व पूजा करि। प्रधानमंत्री न गढ़ी कैंट मा आयोजित समारोह मा बोलि कि आण वला कुछ दिनों मा उत्तराखण्ड क पवित्र चारधामों की यात्रा शुरू हूण वली छ। प्रधानमंत्री न बोलि कि कुछ साल पैली वून बाबा केदारे ध रती सि बोलि छो कि ई शताब्दी कु तिसरू दशक उत्तराखण्ड का नाम रोलू। वृतै यु देखी बहुत खुशी हुणी छ कि डबल इंजन चलि सरकारें नीतियों अर उत्तराखंडा लोगों का परिश्रम न उत्तराखण्ड तेजी सि बदणू छ।
प्रधानमंत्री न देशा विकास मा सड़क, रेलवे अर रोपवे की भूमिका का बारा मा बतें कि कुछ लोग भविष्य जणणा वास्ता ज्योतिष शास्त्रे शरण मा जंदन। आज ई तरीका से सड़के, राष्ट्रे भाग्य रेखाएं बणणी छन। वून बोलि कि पिछला एक दशक बटि सरकार विकसित भारता वास्ता इन्नी भाग्य रेखाओं का निर्माण मा लगी छ। ई भाग्य रेखा सिर्फ आर्थिकी कु आधार नि
बणली बल्कि आण वलि पीढ़ी की की गारंटी भी बणली। वून बोलि कि साल 2014 तक पूरा देशा इंफ्रा प्रोजेक्ट परे द्वी लाख करोड़ भी खर्च नि हे सकदा छा, जबकि आज या राशि 6 गुना ज्यादा बढ़ी 12 लाख करोड़ का पार पहुंचगि। ये दौरान अकेला उत्तराखंड मा ही सवा द्वी लाख करोड़ रूप्या का इंफ्रा प्रोजेक्ट पर काम चलणू छ। प्रधानमंत्री न बोलि कि कभी उत्तराखंडा गांव मा सड़का इंतजार मा पीढ़ियां बूढ़ी हे जांदी है, आज डबल इंजनै सरकार कारण गांव-गांव मा सड़क पहुंचणी छ। ज्यांसि वीरान गांव भी जीवंत हूंणा छन। चारधाम महा मार्ग परियोजना, केदारनाथ, हेमकुण्ड रोपवे जन परियोजनाओं उत्तराखंडे भाग्यरेखा बणणी छन।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर मा जख लोोगें कु आण-जाण मा टैम बचलू, वख ईधनें खपत कम हुण सि कराया अर माल भाड़ा भी बचलु। दगड़ि किसानों हैं अपणा उत्पाद तेजी से बड़ी मंडियों तक पहुंचाणें सुविधा भी मिल्ली। समृद्धिाम महामार्ग परियोजना, रेल परियोजना, केदारनाथ, हेमकुंड रोपवे जन परियोजनाओं उत्तराखंडे भाग्य रेखा बणणी छन।
प्रधामंनत्री नरेंद्र मोदी न बोलि कि 21 वीं सदी कु भारत जैं तेजी से काम करणू छ वांकि चर्चा दुनियांभर मा हूंणी छ। वून बोलि कि बीता कुछ महीनों का भितर ही दिल्ली मेट्रो कु विस्तार है। दगड़ि मेरठ तके मेट्रो पहुंची नोएडा मा एयरपोर्ट शुरू ह्वेगि अर अब दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर भी शुरू ह्वेगि। वून बोलि कि आज देशभर मा कति इकोनॉमिक कॉरिडोरों पर काम चलणू छ। इ इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रगति
प्रधानमंत्री न उत्तराखंड सरकार द्वारा विंटर टूरिज्म, विंटर स्पोर्ट्स अर वेड इन उत्तराखंड जन अभियानों हैं बढ़ावा दिये जाणा वास्ता जारी प्रयासों की प्रशंसा करि बोलि कि अब उत्तराखंड बारामासी पर्यटनो तरफ बढ़णू छ। प्रधानमंत्री न 2023 मा अपणि आदी कैलाश ओम पर्वत यात्रा का बारा मा बतें कि पैलि इख साल मा कुछ सौ लोग ही आंदा छा, जबकि 2025 मा या संख्या 40 हजार का पार पहुंचगि।
उत्तराखंड मा शीतकालीन यात्रा मा आण वला पर्यटकों अर तीर्थयात्रियों की संख्या भी 80 हजार सि बढ़ी डेढ़ लाख पहुंचगि। प्रधानमंत्री न बोलि कि हमर्तें ध्यान दीण होलु कि इंसानों का वास्ता हूंण वला विकासा कामों सि वन्य जीवों हैं क्वी कष्ट नि हो। इले दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर परे 12 किमी लंबी एलिवेट रोड़ बणैगि।
प्रधानमंत्री न उत्तराखंड लोगों का
दगड़ि इख आण वला पर्यटकों सि अपील करि कि देवभूमि की धरोहर बहुत पवित्र छ। इखा स्थानों तैं साफ सुथुरू रखण हमरू कर्तव्य छ। इख जगह-जगह कूड़ फिकण, प्लास्टिके डलण सि देवभूमि की पवित्रता हैं ठेस पहुंचदी, इले देवभमि का तीर्थ स्थलों हैं स्वच्छ अर सुंदर रखण हम सभ्भियूं की जिम्मेदारी छ। प्रधानमंत्री न बोलि कि अगला साल हरिद्वार मा दिव्य, भव्य अर स्वच्छ कुंभमेला कु आयोजन होलु।
यांका दगड़ि उत्तराखण्ड मा जल्दि ही नंदा देवी राजजात यात्रा भी आयोजित हूण वलि छ। या यात्रा उत्तराखंडे विशिष्ट सांस्कृक्तिक चेतना कु उदाहरण छ। ज्यां मां नंदा तें बेटी मानी सम्माना दगड़ि मा विदा करे जांदू।
प्रधानमंत्री न उत्तराखंडे सैन्य परंपरा कु उल्लेख करि बोलि कि देश 1962 मा शहीद हुयां बाबा जसवंत सिंह का शौर्य हैं भुले नि सकदू। सैनिकों का सम्माना क्रम मा केंद्र सरकार न वन रैंक, वन पेंशन लागू करि। पूर्व सैनिकों का खाता मा सवा लाख करोड़ सि ज्यादा की ध नराशि जामा करि।
सरकार देशभक्ति, देवभक्ति अर प्रगति तें जोड़ी विकसित भारत कु संकल्प पुरू कन्न कु प्रयास कन्नी छ।
