जलेबी क इतिहास भि जलेबि कि हि जन गोल च जन जगह उन्नी नाम…
( सरोज शर्मा )
रंत रैबार ब्यौरो….
जलेबि की शुरुआत हौब्सन – जॉब्सन क अनुसार जलेबी शब्द अरेबिक शब्द जलाबिया या फारसी शब्द जलिबिया से आई, मध्यकालीन पुस्तक ‘किताब अल तबीक, म जलबिया नौ कि मिठै क वर्णन मिलद, जै कि शुरुआत पश्चिम एशिया म ह्वाई, ईरान म या जुलाबिया, जुलुबिया नाम ल मिलद, 10 वीं शताब्दी की अरेबिक पाक कला पुस्तक म ये कि रेसिपी मिलद, 17 वीं शताब्दी म भोजन कुटुहला नाम कि किताब म भि और संस्कृत पुस्तक गुणयगुणबोधनी म जलेबि क बारे म लिखै ग्या, भारत मा तुर्की आक्रमणकारियो क दगड़ आई, बोल सकदां कि भारत म जलेबि क इतिहास 500 साल पुरण च, पांच सदियो म यै क रूप मा कई बदलाव हवीं, सर्व व्यापी रूप म जलेबि उत्सव क पर्यायवाची बण गै,
विदेशो म जलेबि
लेबनान म जेलाबिया, ईरान म जुलूबिया, ट्यूनिशिया में ज’लाबिया, नाम से मिलद।
अफगानिस्तान मा जलेबि पारंपरिक रूप म माछौं दगड सर्व किये जांद, मध्यपूर्व मा खये जाण वली जलेबि हमरी जलेबि से कम मिट्ठठी पतली और कुरकुरि हूंद। श्री लंका कि पानी वलालु मिठै जलेबि क प्रकार च जु उड़द और चौंल क आटु से बणद, नेपाल मा जेरी जलेबि कु ही रूप च।
