नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली स्थित मावलंकर ऑडिटोरियम म ऐत्वार खुणि “उत्तराखंड दिव्यांग लोक कला उत्सव – हुनर है तो कदर है” कु भव्य आयोजन ह्वे। ये कार्यक्रम क़ उद्देश्य उत्तराखंड का विभिन्न जिलों बिटिन अंया दिव्यांग प्रतिभाशाली कलाकारों तैं राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान कैरिकि वोंकी कला तैं पछ्याण दिलाणु छौ।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं उत्तराखंड देवस्तुति गान से ह्वे। यांका बाद अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों द्वारा व्हीलचेयर पर बैठकर आकर्षक प्रस्तुति दिएगेन तथा देवी-देवताओं का डौंर-थाळ दगड़ि पारंपरिक जागरों ला माहौल भक्तिमय बणै दे। कलाकार सुरेन्द्र कमांडर कु नृत्य, तबला व हास्य प्रस्तुति से दर्शकों तैं खूब बढ़िया लागी।
कार्यक्रम का दौरान उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोक गायिका कल्पना चौहान की जीवनी परैं आधारित एक संक्षिप्त बायोग्राफी भी प्रदर्शित करेगे, जैम वोंको संघर्ष और सफलता की प्रेरणादायक कहानी तैं दर्शाये गे छौ।
कार्यक्रम का मुख्य संयोजक राजेंद्र चौहान नला बतै कि ये उत्सव म चमोली, बागेश्वर, पौड़ी, टिहरी, हल्द्वानी और पिथौरागढ़ जना दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों बिटिन अंया दिव्यांग कलाकारों ला भाग ले। वोंल बोलि कि यना आयोजनों का माध्यम से दिव्यांग जनों तैं न केवल मंच मिलदु, बल्कि वोंकी आर्थिक स्थिति म भी सुधार होंदा। वों तैं दिल्ली जना महानगर म मंच मिलदा। दगड़ा दगड़ि कै दिव्यांगजनों तैं पेंशन सुविधा से भी जोड़ेगे।
इस आयोजन तैं सफल बणाण म पर्वतीय सांस्कृतिक संस्था दगड़ि रविशा फाउंडेशन, घुघुती फाउंडेशन, स्वथान NGO, महावेला सनराइज और महिला सेवा शक्ति फाउंडेशन का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में दिल्ली-एनसीआर का बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, फिल्मकारों और राजनीतिक प्रतिनिधियों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रै।
ये उत्सव म भाग लेण वळा प्रमुख कलाकारों म सुरेन्द्र कमांडर, धन सिंह कोरंगा, पूरन राठौर, रेखा मेहता, विजय बिष्ट, प्रेमा विश्वास, अंजलि, सरोज, प्रवीन नेगी, पं. सुधीर ग्वाड़ी, निर्मला मेहता, रोशन लाल, मुकेश अनुरागी, सतीश मधुर, निर्मल अनुरागी, नीलिमा, निर्मला देवी, नीलिमा राय, रजत कुमार पयाल, मानस पांडे, महेश गंधर्व सहित कै हौरि प्रतिभागियों ला अपणी कला कु शानदार प्रदर्शन कैरि।
ये मौका परैं महाकौथिग संयोजक राजेंद्र चौहान, लोक गायक रोहित चौहान, लोक गायिका कल्पना चौहान, आदित्य घिल्डियाल, हरीश असवाल, जगत रावत, सुबोध थपलियाल, नरेंद्र सिंह बिष्ट, सुरेंद्र हलशी, हरिदत्त, लक्ष्मण रावत, देवेंद्र रावत, कैप्टन यशवंत सिंह रावत, इंद्रा चौधरी, मीडिया प्रभारी रजनी जोशी ढौडियाल, सुषमा जोशी, शीला पंत , साहित्यकार दिनेश ध्यानी, अनिल कुमार पंत,जयपाल सिंह रावत, दर्शन सिंह रावत, जगमोहन सिंह रावत, सुशील बुडाकोटी, रमेश हितैषी, दीवान सिंह नेगी रिंगूड, युगराज रावत, द्वारिका चमोली, उदयराम मंमगांई राठी, सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित छाया।
उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच दिल्ली का संयोजक दिनेश ध्यानी ल बतै कि ये प्रकार का आयोजन सिर्फ और सिर्फ राजेन्द्र चौहान व कल्पना चौहान जना समर्पित लोग ही कैरि सकदन। समूचा उत्तराखण्ड का दिव्यांग कलाकारों तैं दिल्ली जनु महानगर म मंच देणु अर यों कलाकारों तैं पछ्याण दिलौणु अपणा आप म पुण्य कु काम छ। नथर कै स्वनामधन्य कलाकार, गायक छन जु हमेशा दूसरों कु बाटु रोकणा जतन कना रंदन। अर सिरप अपणु ही भलु स्वचदन। लेकिन चौहान दंपति की सोच व विज़न सबसे अलग छ। कुल मिलैकि यु अद्भुत आयोजन छौ जै म दिल्ली एनसीआर का सैकड़ों द्यखदरा सुणदरा उपस्थिति छाया।
