रंत रैबार ब्यूरो…
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी न नई दिल्ली मा आयोजित नीति आयोगे बैठक मा राज्य का विकास कु रोड मैप प्रस्तुति करि। ये मौका परे मुख्यमंत्री न हिमालयी राज्यों का वास्ता जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिको संरक्षण अर आपदा प्रबंधन सि जुड्यां विषयों परे विशेष नीति समर्थन अर दीर्घकालिक वित्तीय व्यवस्था पर जोर दे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी न बोलि
कि विकसित भारत-2047 का संकल्पो आधार हमरी मानव पूजी छ। ई सोचा आधार पर उत्तराखंड सरकार मानव संसाधन विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार अर युवा सशक्तिकरण पर विशेष बल दीणी छ। यांका वास्ता राज्य सरकार न प्रारंभिक बाल शिक्षा सि उच्च शिक्षा तके भौत सुधार करिन। वून बोलि कि राज्य मा हजारों आंगनवाड़ी केन्द्रों हैं आधुनिक सुविधाओं सि जुड़ेगि, स्कूलों मा स्मार्ट
क्लास, वर्चुअल क्लासरूम अर कौशल आधारित शिक्षा हैं बढ़ावा दिये जाणू छ। उच्च शिक्षा संस्थानें मा शोध, नवाचार अर उद्यमिता हैं नई दिशा दीणों प्रयास करे जाणू छ, ताकि युवाओं तै रोजगार लीणा बजाय दीण वलु बणै जै सकु।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी न बोलि कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस अर सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी जन क्षेत्रों मा भारता वास्ता भौत संभावनाएं छन। ये
उद्देश्य न ही प्रदेश मा देवभूमि उद्यमिता विकास योजना, स्टार्टअप प्रोत्साहन कार्यक्रम, उद्योग विकास योजना, स्टार्टअप प्रोत्साहन कार्यक्रम, उद्योग अकादमिक सहयोग अर आईटीआई संस्थानों हैं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का रूप मा विकसित कन्न जन पहल लागू करेगि। वून बोलि कि राज्य सरकार विकसित भारता वास्ता विकसित उत्तराखंड मंत्र हैं लेकी अगने बढ़णी छ। यांका वास्ता पिछला सालों मा 30 सि ज्यादा अलग-अलग नई नीतियों
ऊर्जा, सेवा क्षेत्र हैं एक करी विकासों तक समन्वित मॉडला तौर परे विकसित कन्नो प्रयास करे जाणू छ। का माध्यम न कृषि, उद्योग, पर्यटन,
मुख्यमंत्री न बोलि कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती, बागवानी, औषधीय पौधों, योग अर वेलनेस, पर्यटन अर ग्रीन एनर्जी जन क्षेत्रों हैं भविष्य का विकास इंजन का रूप मा विकसित कन्नो प्रयास करणी छ। उत्तराखंड हैं नॉलेज बेस्ड इकोनॉमी,वेलनेस इकोनॉमी अर सस्टेनेबल डेवलपमेंटा राष्ट्रीय माँडला रूप मा विकसित कन्ने दिशा मा काम करे जाणू छ। वून बोलि कि हिमालय, गंगा, यमुना अर विशाल वन क्षेत्र केवल उत्तराखंडे धरोहर ही नि, बल्कि पूरे राष्ट्र अमूल्य संपत्ति छ। इले हिमालयी राज्यों का वास्ता जलवायु परिवर्तन, परिस्थितिकी संरक्षण, आपदा प्रबंधन, कर्बन न्यूट्रैलिटी, ग्रीन एनर्जी अर पर्वतीय अवसंरचना विकास सि जुड्यां विषयों पर विशेष नीति समर्थन अर दीर्घकालिक वित्तीय व्यवस्था परे विचार कन्न वर्तमान समय की आवश्यकता छ। मुख्यमंत्री न बोलि कि उत्तराखंड सरकार न देवभूमि परिवार पहचान योजना, खनन क्षेत्र मा डिजिटन निगरानी प्रणाली, भूमि उपयोग परिवर्तन प्रक्रिया कु ऑनलाइन, सरलीकरण अर महिला सशक्तिकरण बटि जुड्यां सुधारों न शासन व्यवस्था तैं और ज्यादा पारदर्शी अर प्रभावी बणयूं छ। उत्तराखंड नवीनकरणीय ऊर्जा का क्षेत्र मा बि उत्लेखनीय प्रगति कन्नू छ।पीरूल आधरित ऊर्जा उत्पादन जन नवाचार पर्यावरण संरक्षण का दगड़ि स्थानीय रोजगार सृजन मा बि जरूरी भूमिका निभाणा छन।
