(जसपुरा विशेष व्यक्ति श्रृंखला -6 )
भीष्म कुकरेती
स्वर्गीय रैजा बाडा जसपुर (द्वारीखाल , पौड़ी गढ़वाल ) का एक श्रमिक शिल्पकार परिवारा छा। हौळ लगाण या अन्य श्रमिक कार्य से जीवन यापन करदा छा किन्तु जसपुर म रैजा बङा को बड़ो सम्मान छौ। युवा आयु म आर्य समजा आंदोलनकारी छा अर जनेऊ आंदोलन म बढ़ चढ़ कर भाग ले। जब रैजा बाडा सरीखा शिल्पकारों न न जनेऊ धारण करण तो बिठ समाज से बड़ो विरोध झेलण पोड़ अर रेजा बडा , जतुर बडा , गैणु दा सरीखों क संघर्षमय प्रयत्न से शिल्पकार जनेऊ धारण करण लग गेन।
रेजा बाडा शांत परकारा मनिख छा अर जसपुर म प्रसिद्ध छा कि एक शिल्पकार इन च जो प्रतिदिन सुबेर सुबेर सूर्य तैं अर्घ्य चढ़ांदा छा। आज तो भौतों तैं सूर्य अर्घ्य चढ़ांण म क्वी आश्चर्य नि लगद होलु पर तब बड़ो क्रांतिकारी कार्य छौ जब शिल्पकारों तैं भौत सा कर्मकांड मनाही छे।
हट्ठा -कठा शरीर का स्वर्गीय रेजा बाडा सदा ही अपर क्रांतिकारी कार्य ( जनेऊ आंदोलन अर सूर्य अर्घ्य चढ़ाण ) हेतु जसपुर म याद करे जाला व सदा पूजनीय राला ।
