सरोज शर्मा (भोजन इतिहास शोधार्थी )
फलूदा इन मिष्ठान च जु भारत ही न बल्कि दुनिया क कई हिस्सो मा चाव से खयै जांद ऐ क परोसणा क तरीका भि अलग ही हूंद, खासकर भारत और मध्यपूर्व एशिया मा फलूदा भौत प्रसिद्ध च,
फलूदा कि शुरुआत
फल खाणों एक ब्युंत हूंद फलूदा .
फल भारत म आदिकाल से खाए जान्दंन
मने जांद कि फलूदा क उदय पर्शिया म ह्वाई, पर्शिया म ये थैं फलूदेह भि बवलदिन, यि एक पारंपरिक पर्शियन डिश च,विश्व क सबसे पुरण मिष्ठानो म मनै जांद यू, 400 ईसा पूर्व भि यि खयै जांद छाई यू साधारणतया मक्का क आटू से तैयार नूडल्स,गुलाब जल ,चाशनी से तैयार हूंद।
फलूदा कि भारत यात्रा
कुछ इतिहास कारो क बोलण च कि फलूदा मुगल बादशाह जहांगीर क समय मा आई, कुछ क मनण च नादिर शाह क दगड आई, कैक समय मा भि आय हो पर भारत क खाण मा ये ल अपणि पैठ बणयाल फिलीपींस मा हालो-हालो, मारीशस मा आलूदा,फालूदा जनी ही पारम्परिक डिश मिलदन, सिंगापुर म बर्फ नारियल और दूध,तुलसी क बीज स्ट्राबेरी और वेनिला सिरप डालिक बणै जांद, बंग्लादेश म पैडन नामक पौधा क फल सेऔर साबूदाना पिस्ता, आम क्रीम युक्त नारियल, दूध बर्मी सिली से बणयू फलूदा प्रसिद्ध च।
