उत्तराखंड गढ़वाली लोक गीतों में स्वाद पदार्थ बिम्ब.. RantRaibar December 8, 2025 संकलन -भीष्म कुकरेती चैताक मैना प्याज हूँदन भौत स्वामी जी तुम बि घौर ऐइ जयां आलू प्याजौ भुजी खैइ जयां बैसाख मैना उमी हूँदन भौत स्वामी जी तुम बि घौर ऐइ जयां उमी बुकै जयां जेठक मैना काफळ हूँदन भौत स्वामी जी तुम बि घौर ऐइ जयां काफळ खैइ जयां सौणक मैना खीर पकाये जांद भौत स्वामी जी तुम बि घौर ऐइ जयां खीर खैइ जयां भादों मैना मुंगरी हूँदन भौत स्वामी जी तुम बि घौर ऐइ जयां मुंगरी बुकै जयां असूजक मैना कखड़ी हूँदन भौत स्वामी जी तुम बि घौर ऐइ जयां कखड़ी खैइ जयां स्वामी जी तुम बि घौर ऐइ जयां About the Author RantRaibar Administrator View All Posts Post navigation Previous: पाखु देबता मंदिर,नैटवाड़…..Next: बिरयानि कु इतिहास….. Related Stories उत्तराखंड बहुभाषी साहित्यिक संगोष्ठी मा जबर सिंह कैंतुरा तैं मिलि साहित्य सम्मान RantRaibar May 27, 2026 उत्तराखंड नि रैनि जनरल खण्डूरी……. पंचतत्व मा ह्वेनि विलिन RantRaibar May 26, 2026 उत्तराखंड लोक कलाओं मा जनानियूं कु भौत बडु योगदान छ : सुरेखा RantRaibar May 22, 2026