(भीष्म कुकरेती)
किसनी (श्रीकृष्ण आर्य जी ) बुड्या बि ह्वे गे छौ तब बि रिस्ता नि बिसर छौ। एक बार मुंबई से श्यामपुर फोन से बात ह्वे तो किसनी न चचा जी सम्बोधन से बात ह्वे छे।
किसनी गैणु दा (गंगाराम जी आर्य ) कु दुसर नौन छा।
किसनी में से द्वी तीन क्लास सीनियर छौ अर पढ़ाई म चतुर छौ। दगड़ म अपर मानवीय अधिकार हेतु सदा संवेदन शील बि छौ। खेल म बि अगनै ही छौ जन कि गुच्छी , गिंदी आदि ।
बचपन से सिलोगी म पढ़न तक किसनी से रोज ही मिलण हूंद छौ। जन जसपुर वळ पढदा छा तनि किसनी बि रोज घर से सिलोगी स्कूल जांद छौ।
किसनी न हाई स्कूल पास कार अर लैंड सेटलमेंट विभाग म पटवारी लग गे मि देहरादून पढ़ाई कुण चल ग्यों तो शायद सन 67 उपरान्त मिलन नि ह्वे। बस आखिरां फोन म ही बात ह्वे छे पर मि तैं किसनी क समाचार मिलदा ही छा जनकि नाव म मकान निर्मित कर याल , कानूनगो बण गे आदि।
किसनी क द्वी पुत्र शिक्षा विभाग म अर एक नौन लैंड सेटलमेंट म च जो नाव क डांड क विकास हेतु अति सजग च। पटवारी , मास्टर , कानूनगो पद कै बि गाँव की प्रसिद्धि कुण लाभकारी हूंद।
