रंत रैबार ब्यौरो…..
उत्तराखण्ड़ मा वन्य जीव संघर्ष रूकणों कु नौ नि लेणु छ। पहाड़ मा लोगू का बाघ अर रिख की देहशत बणी छ। आये दिन कखी न कखी बटि अग्रिम घटना सुणणा कु मिलणी छ। अब त स्कूलों मा बि रिख पौछण लगिन, अबि हाल ही मा चमोली मा एक स्कूल बटि एक नौना तैं रिख उठैकि लेगि।
राज्य का मानव वन्य जीव संघर्ष क मामलों मा गंभीरता दिखांद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी न कति महत्वपूर्ण कदम उठाणै घोषणा करि जै मा सोलर फेसिंग अर सेंसर वेस्ट अलर्ट सिस्टम लगाण की बात बोलिगि दगड़ा हि वन्यजीव बाध्याकरण (नसबंदी) केन्द्र अर हर जिलों मा रिहेबिलिटेशन सेंटर खोले जाणौ की बात बि बोलेगे। वुनै वन मंत्री सुबोध उनियान न वन मुख्यालय मा आयोजित समीक्षा बैठक मा मानव-वन्यजीव संघर्ष तैं प्रभावी ढंग सि कम कन्न वास्ता ठोस अर समयबद्ध कार्य योजना पर अमल कन्न, शीतकालीन पर्यटन वास्ता एसओपी तैयार कन्न, विभागीय कामों तैं गुणवत्ता का दगड़ि टैम-टैम पर पूरू कन्न विशेष निगरानी रखण अर स्थानीय लोगुं का दगड़ि समन्वय बणै कि मानव-वन्यजीत संघर्ष की घटनाओं तैं न्यूनतमक करै जाव, साथ ही वून वन सुरक्षा, संरक्षण अर विकास सि जुड्यां कामों मा पादर्शिता अर जवाबदेही सुनिश्चित कन्न का बि निर्देश देनि।
वन्यजीव की दृष्टि सि संवेदनशील क्षेत्र मा कैमरा का माध्यम सि निरंतर निगरानी रखे जाव। दगड़ा हि स्थानीय स्तर पर जन प्रतिनिधियों अर गौं का लोगू का दगड़ि संवाद निरंतर बठै रखुन। पम्पलेट, बैनर, होर्डिंग्स अर सोशल मीडिया का माध्यम सि वन्य जीवों सि बचाव वास्ता आम नागरिकों तैं जागरूक कन्न, आबादी क्षेत्रों बटि जानवरों तैं दूर भगाण वास्ता आधुनिक उपकरणों सहित सोलर लाइट, पिंजरा आदि कु उपयोग कन्नै की जाणकारी देणें की बात बोलेगे।
सरकारक प्रयास छ पर यु काफी नि छन दगड़ा मा जु बि कदम उठै जाणा छन वू तैं अमल का लाण वास्ता ईमानदार सोच की जरूरत छ। तबि जैकि ई समस्या कु कुछ हल निकल सकद।
