रंत रैबार ब्यूरो…..
नई दिल्ली । आगामी 2 फरबरी, 2026 खुणि उत्तराखण्ड लोक-गीत संगीत भीष्मपितामह जीत सिंह नेगी जी की जयंती च। 16 दिसम्बर, 2024 खुणि उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली द्वारा दिल्ली म उत्तराखण्ड का स्थानिक आयुक्त का माध्यम से उत्तराखण्ड का मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी व संस्कृति मंत्री श्री सतपाल महाराज तैं पत्र द्वारा अपील कैरी कि उत्तराखण्ड का सुप्रसिद्ध लोकगायक, गीतकार, संगीतकार , फिल्म निर्देशक स्वर्गीय जीत सिंह नेगी जी की जयंती (2 फरबरी, 2025 ) खुणि एक दिवसीय विराट आयोजन हूण चैन्द। ये आयोजन म स्वर्गीय नेगी जी का जीवन, वोंका गीत, संगीत परैं चर्चा व सांस्कृतिक आयोजन हूण चैणा छन। लेकिन उत्तराखण्ड सरकार द्वारा न ता चिठ्ठी कु जवाब दे न स्वर्गीय जीत सिंह नेगी जी की जयंती परैं क्वी आयोजन कैरि। जबकि उत्तराखण्ड सरकार तैं ये मामला म पहल करण चैंद। तब उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली द्वारा डीपीएमआई सभागार न्यू अशोक नगर म 2 फरबरी, 2025 खुणि यु आयोजन कैरी छौ।
ज्ञातव्य हो कि उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली एक संयोजक श्री दिनेश ध्यानी व श्री अनिल कुमार पंत न स्थानिक आयुक्त कार्यालय म उक्त सम्बन्धी पत्र सौंपी। यांका दगड़ा दगड़ि ईमेल से भी मुख्यमंत्री व संस्कृति मंत्री से अनुरोध करेगे छौ लेकिन अज्यों तलक सरकार की पहल कु जग्वाळ च।
ये साल वर्ष 2026 खुणि 1 फरबरी, 2026 खुणि डीपीएमई सभागार, न्यू अशोक नगर दिल्ली म एक भव्य आयोजन करेजालु। उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली का संरक्षक डॉ विनोद बछेती ला बोली कि जीत सिंह नेगी जी कु काम व वोंकी सीख हम तैं याद रखण चैंद। खासकर नै पीढ़ी तैं अपणी परम्परा व लोक संस्कृति तैं समाज म नै पीढ़ी तैं बताण चैंद।
स्वर्गीय जीत सिंह नेगी कु जन्म , 2 फ़रवरी, 1925 जन्म भूमि पौड़ी गढ़वाल का अयाल गौं म ह्वै। अर नेगी जी की मृत्यु 21 जून, 2020 खुणि ह्वै।
स्वर्गीय जीत सिंह नेगी जी का बुबा जी कु नौ स्वर्गीय सुल्तान सिंह नेगी व माताजी स्वर्गीय रूपदेवी नेगी छाया। स्वर्गीय जीत सिंह नेगी जी की पत्नी कु नौ श्रीमती विमला राणा छ।
स्वर्गीय जीत सिंह नेगी क निर्देशन म 1954-1955 में दिल्ली म आयोजित गढ़वाली नाटक ‘भारी भूल’ कु मंचन ह्वै । कै कलाकार नेगी जी की टोली से वे जमन म जुड्या रैन ।जीत सिंह नेगी उत्तराखंड क यना पैला लोकगायक छाया जौंका गीतों का ग्रामोफोन रिकॉर्ड 1949 म जारी ह्वै छौ । जीत सिंह नेगी ला द्वी हिंदी फिल्मों म भी बतौर सहायक निर्देशक कु काम कैरी। नेगी जी संगीतकार व रंगकर्मी भी छाया । वो पैला यना गढ़वाली लोकगायक छाया जौंका गीत कु ऑल इंडिया रेडियो से पैली दौं प्रसारण हुआ।
स्वर्गीय जीत सिंह नेगी जी ही वो सौब से पैला गायक छाया जौंका का गीतों का ग्रामोफोन रिकॉर्ड 1949 म यंग इंडिया ग्रामोफोन कंपनी न सौब से पैली जारी करीं । स्वर्गीय जीत सिंह नेगी जी रेडियो का बी सौब से पैला गढ़वाली लोकगायक मने जांदन। आल इण्डिया रेडियो बिटिन भी नेगी जी का गीत व नाटक ‘शाबासी मेरो मोती ढांगा’ सौब से पैली प्रसारित ह्वेन।
स्वर्गीय जीत सिंह नेगी जी कु लोकप्रिय गीत 1950 के दशक का शुरूआत म रेडियो से यु गीत ‘तू होली उंचि डांड्यूं मा बीरा-घसियारी का भेष मां-खुद मा तेरी सड़क्यां-सड़क्यों रूणूं छौं परदेश मा। ता देश, प्रदेश व उत्तराखण्ड का घर, गौं म जख बि वे जमन म रेडियो छौ, जैन बि यु गीत सुणी सौब मन्त्रमुग्ध ह्वेगें न।
बरिष्ठ रंगकर्मी, उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली का कोषाध्यक्ष दर्शन सिंह रावत ल बोलि कि नाटकों की बात करदा ता स्वर्गीय जीत सिंह नेगी का निर्देशन म 1954-1955 म दिल्ली म आयोजित गढ़वाली नाटक ‘भारी भूल’ का मंचन ह्वै । मुंबई-दिल्ली-चंडीगढ़ समेत देश क कई प्रमुख नगरों म वे दौर म जीत सिंह नेगी का गीत अर नाटक श्रोताओं-दर्शकों तैं मंत्रमुग्ध ता करदा ही छाया। लोगों की जिकुड़ी म कुतग्यळि बि लगौंदा छाया। वे जमन म लोगों तैं जब जीत सिंह नेगी जी अर नाटकों ला गढ़वाल का जान-जीवन का अछूता भावों तैं संगीतमय कैरी ता लोगों का जिकुड़ों बिटिन वा खुद, भाव सदन्नी खुणि छप्प छपेगेन। लोक संस्कृति, लोक गीत अर लोक जीवन तैं ज्यूण वळा हिमालय जना विराट मनीषी जीत सिंह नेगी कु निधन 21 जून, 2020 खुणि धर्मपुर, देहरदून म ह्वै।
उत्तराखण्ड लोक भाषा साहित्य मंच दिल्ली का समन्वयक श्री अनिल कुमार पंत न बोलि कि लोक का यना जणगुरु व लोक थाती का युगपुरुष स्वर्गीय जीत सिंह नेगी जी की सौवीं जयंती परैं क्वी विराट आयोजन उत्तराखण्ड की धरती म हूण चैन्द। उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली की पुरजोर मांग छ कि उत्तराखण्ड सरकार तैं जीत सिंह नेगी जी की जयंती परैं विराट आयोजन कं चैन्द। हमारा लोक का गीतकार, गायक व स्वनामधन्य कलाकार बि अगनै ऐकी जीत सिंह नेगी जी की सौवीं जयंती तैं यादगार बणाणा पूरी कोशिश कारला। मंच की पूरी कोशिश छ कि जीत सिंह नेगी जी की जयंती परैं विराट आयोजन हूण चैन्द। ये वास्ता सरकार जागरूक नागरिकों व संगठनों का दगड़ि उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली लगातार संपर्क म छ। मंच की पूरी कोशिश च कि अगला साल 2027 म स्वर्गीय जीत सिंह नेगी जी की शताब्दी परैं विराट आयोजन होलु। यां का खातिर जीत सिंह नेगी शताब्दी समारोह समिति कु गठन होलु। सरकार से भी बात करला नथर उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली च खुद ही यु आयोजन कारलु।
