रंत रैबार ब्यूरो
दिल्ली। गढ़वाली कुमाउनी जौनसारी भाषा अकादमी दिल्ली का संयुक्त तत्वाधान मा आयोजित उत्तराखण्ड साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कला मंच (पंजी) द्वारा मंचकि 12 वीं वर्षगाँठ म एक कवि सम्मेलन और भव्य सांस्कृतिक संध्या को आयोजन करे गेग्य गौर तलब च कि मंच बिगत 12 वर्षों विटि उत्तराखण्ड कु साहित्य एवं संस्कृति का संवर्धन का वास्ता लगातार काम करण लगीं च. भाषा क्षेत्र मा मंच बिगत 2016 बिटि नई पीढ़ी
थें अपणि भाषा सिखौण का वास्ता रूड़ि क छुटियों मा गढ़वाली कुमाउनी भाषाओं की कक्षाओं के आयोजन वि करद. यांका
अलावा मंच अपणि विलुप्त हूंदी संस्कृक्ति लोक गीत अर रीति रिवाज की समाळ का वास्ता वि बचनबद्ध च. येमा कुमाऊं
गढ़वाल का झोड़ा, थड्या, चौंफला, न्यौली, छपेली, चांचरी, बाजूबंद जनि विधाओं में बचौण का वास्ता कलाकारों थें मंच प्रदान कर्द, मंच हर साल तीन से चार नवोदित कवियों थें बि मंच प्रदान कर्द। मंच अब तक लगभग सौ जादा कवियों कु परिचय ये मंच बिटि करै चुकि मंच की कोशिश रेंद कि जौं लोगों थे कै बि कारणबस मंच नि मिलि ऊँ जना कलाकारों अर कवियों चें मंच प्रदान कराये जाव. ये साल वि साहित्य संस्कृति अर लोक गीतों की त्रिवेणी कु संगम देखणकु मिलि।
प्रथम सत्र मा दीप प्रज्वलित कारि कवि सम्मेलन कु आयोजन करें ग्य। जैमा कुमाउनी गढ़वाली का कवि आमंत्रित छया. आमंत्रित कवियों मा रमेश हितैषी, डॉ सुशील सेमवाल, रोशन लाल ‘हिन्द कवि’ प्रेम सिंह नेगी, आशीष हेमदान अर कवियत्री श्रीमती गोदांबरी बुढ़ाकोटी छया, सब्या कवियोंल अपण चित परिचि शैली मा कुमाउनी गढ़वाली कविताओं के पाठ करि. मंच द्वारा सच्या कवियों में शौल अर प्रसस्ति पत्र देख सम्मानित करि।
सांस्कृतिक कार्यक्रम को आयोजन करे ग्य. सांस्कृतिक कार्यक्रम मा झोड़ा, थड्या, चौंफला, लोक गीत, लोक नृत्य अर नाटकों कि प्रस्तुति है. यौ प्रस्तुतियों थें दींण वळि सब्या टीम अपणा अपणा क्षेत्र मा परांगत छि. यौं टीम उत्तराखण्ड की संस्कृति थें अपण नै पीढ़ी थें सिखौणकु प्रयास करणी छन. कार्यक्रम मा भाग लीण वळि टीमों मा सुशांत विहार की महिला कीर्तन मंडली प्रमुख छ्या. जौंमा देव भूमि कीर्तन मंडली, वैष्णो देवी कीर्तन मण्डली, बुरांश कीर्तन मंडली, जगदम्बा कीर्तन मण्डली, नृत्य ग्रुप मा जितेन्द्र उनियाल द्वारा निर्देशित पहाड़ी लोकरंग, नीलम गुसाईं जी द्वारा निर्देशित आँचरी डांस ग्रुप, बद्री केदार ग्रुप, नै पीढ़ी मा अपणि संस्कृति से प्रेम रखण वळि बेदिका रावत, आकांक्षा त्रिपाठी, गीताक्षी आर्या, नीलेश पांडेय अर गुंजनल एकल नृत्य करि दर्शोकों थें मंत्र मुग्ध करि. दिनेश पोखरियाल द्वारा अपणी चित परिचित अंदाज मा एक मन मोहक प्रस्तुति देक खूब वाहवाही बटोरी। हेमानंद त्रिपाठी द्वारा निर्देशित उत्तराखण्ड की लोक गाथा पर आधारित ‘रामी बौराणी’ कु नाट्य मंचन की भौत सराहना करे ग्य. ये नाटक मा भूमिका त्रिपाठी, आकांक्षा त्रिपाठी और दीक्षा चौहान ल भाग ले. वरिष्ठ संगीतकार पूरन सुन्द्रियाल का संगीत निर्देशन मा लोक गायक महेंद्र सिंह रावत, प्रकाश आर्या का अलावा हरीश लखचौरा न अपणि अपणि प्रस्तुति दे।
कार्यक्रम मा मंच का समस्त पदाधिकारी संरक्षक सर्व श्री पूरण चंद्र नवानी, अध्यक्ष रमेश पोखरियाल, महासचिव रमेश हितैषी, सचिव विनोद चौहान, कोषाध्यक्ष अरविन्द रावत, सांस्कृतिक सचिव दिनेश जोशी, सलाहकार महेश जोशी, पूर्व अध्यक्ष बलवंत सिंह रावत का अलावा लीलाधर सती, गोपाल उपाध्याय, अनोप सिंह मेहरा, कुंदन सिंह रावत, चेतन मुण्डेपी, मथुरा प्रसाद जोशी सतीश त्रिपाठी, प्रमोद चौहान, प्रकाश लखचौरा, महेंद्र सिंह डंगवाल, देवेंद्र सिंह रावत, भजन दत्त त्रिपाठी, सुनील ढौंडियाल, लीलाधर पंत अर भारी संख्या मा मातृ सक्ति उपस्थित छा। कार्यक्रम की अध्यक्षता रमेश पोखरियाल अर मंच संचालन रमेश हितैषी लि करि।
