रंत रैबार ब्यूरो दिल्ली
नई दिल्ली। उत्तराखण्ड का कालजयी लोकगायक, गीतकार, नाटककार जीत सिंह नेगी जी की याद म वोंकी जलमभूमि अयाळ गौं म एक द्वार को निर्माण होलु जां से नई पीढ़ी तें नेगी जी का जीवन अर वंकू रचना संसार तैं समझणा जज्बा मीललु। ग्राम प्रधान रोशनी देव ला बताई कि स्वर्गीय जीत सिंह नेगी जी की स्मृति म द्वार बणाणा मांग भौत समय बिटिन छै ज्व अब पूरी होलि।
अयाळ गौं ग्राम पंचायत द्वारा ये बाबत शासन-प्रशासन तैं मांग पत्र भेजि छौ जै परें अब अमल हूणू छ। क्षेत्रीय पुरातत्व विभाग का सहायक संरक्षक अनिल नेगी ला बोलि कि हमरी कोशिश रालि कि स्मृति द्वार कु निर्माण का खातिर जल्दी टेंडर जारी करला व ये साल यु गेट बणी तैयार ह्वे जौ।
गाँका लोगों कु बुनु छ कि ये स्मृति द्वार बणण से गौं कु बि सम्मान होलु व हमरा गौं की कालजयी विभूति नेगी जी तैं लोग पछ्याण ला।
स्वर्गीय जीत सिंह नेगी जी को जन्म, 2 फरवरी, 1925 जन्म भूमि पौड़ी गढ़वाल का अयाल गौं म है। अर नेगी जी की मृत्यु 21 जून, 2020 खुणि है। स्वर्गीय जीत सिंह नेगी जी का बुबा जी कु नौ स्वर्गीय सुल्तान सिंह नेगी व माताजी स्वर्गीय रूपदेवी नेगी छाया।
स्वर्गीय जीत सिंह नेगी जी कु लोकप्रिय गीत 1950 के दशक का शुरूआत म रेडियो से यु गीत ‘तू’ होली उंचि डांड्यूं मा बीरा-घसियारी का भेष मां-खुद मा तेरी सड़क्यां सड़क्यों रूणूं छौं परदेश मा। ता देश, प्रदेश व उत्तराखण्ड
का घर, गाँ म जख बि वे जमन म रेडियो छौ, जैन बि यु गीत सुणी सौब मन्त्रमुग्ध ह्वेगें न।
स्वर्गीय जीत सिंह नेगी क निर्देशन म 1954-1955 में दिल्ली म आयोजित गढ़वाली नाटक ‘भारी भूल’ कु मंचन है। कै कलाकार नेगी जी की टोली से वे जमन म
जुड्या रैन जिीत सिंह नेगी उत्तराखंड क यना पैला लोकगायक छाया जौँका गीतों का ग्रामोफोन रिकॉर्ड 1949 म जारी है छौ । जीत सिंह नेगी ला द्वी हिंदी फिल्मों म भी बतौर सहायक निर्देशक कु काम कैरी। नेगी जी संगीतकार व रंगकर्मी भी छाया। वो पैला यना गढ़वाली लोकगायक छाया जौंका गीत कु ऑल इंडिया रेडियो से पैली दौं प्रसारण ह्वे ।
नाटकों की बात करदा ता स्वर्गीय जीत सिंह नेगी का निर्देशन म 1954-1955 म दिल्ली म आयोजित गढ़वाली नाटक ‘ भारी भूल’ का मंचन हैं। मुंबई-दिल्ली-चंडीगढ़ समेत देश क कई प्रमुख नगरों म वे दौर म जीत सिंह नेगी का गीत अर नाटक श्रोताओं-दर्शकों तैं मंत्रमुग्ध ता करदा ही छाया।
ये का अलावा बि स्वर्गीय जीत सिंह नेगी जी ला अपणी भाषा-संस्कृति व सरोकारों का खातिर आजीवन काम कैरि। उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली स्वर्गीय जीत सिंह नेगी जी कु शताब्दी वर्ष श्रृंखला का अन्तर्गत आयोजन करणू छ। मंच का संयोजाक दिनेश ध्यानी ल बोलि कि अगला साल 2 फरवरी, 2027 खुणि दिल्ली म एक बडू आयोजन होलु जैम नेगी जी का गीत, नाटक, साहित्य आदि परें चर्चा व नाटकों कु मंचन बि होलु। उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली जी का गौं जैकि बि वूर्तें याद कारलु। यांका खातिर मंच द्वारा उत्तराखण्ड सरकार तैं बि पत्र द्वारा मांग करीं छ कि स्वर्गीय जीत सिंह नेगी जी की शताब्दी वर्ष म सरकार तैं बि बड्डु आयोजन कन चैंद। स्वर्गीय जीत सिंह नेगी कु शताब्दी वर्ष चलणु च ता सरकार तैं संज्ञान लेण चंद।
