गौं-घरों से जुड़ी याद- हमर्थं बुलांद । पुरण्यूं-ज्वड़ीं जैजाद- हमर्थं बुलांद ।।
घर ददि-दाजी सासु-सौरस्यूंन बौँ, यख पैदा ह्वे औलाद-हमर्थं बुलांद ।।
तलि-मालि ख्वा ?- कर्डिं जग्वा ?, जब-घर छा आवाद- हमर्थं कलैंड।।
दिदि-भुल्यूम प्यार-अप्णु अधिकार, गौंम लगयीं धै-धाद- हमर्थं बुलांद ।।
अब- क्वी दनु यख- क्वी वख रगे, यकुला घरौं रुफदंद-हमर्थं कलैंड।।
फोटौं से- सजीं छि- तिबरि डंडे ?, देखि जिकुड़ि झुरांद- हमर्थं बुलांद ।।
‘दीन’ चारदिन ऐ- गा??-गुजेरा भेट, आजबि जो याद आंद-हमर्थं बुलांद ।।
