चन्द्रबदनी शक्ति पीठ मंदिर
टिहरी गढ़वाल के प्रसिद्ध मंदिर श्रंखला….
(लोकप्रिय लेखिका अनिता नैथानी ढौंडियाल)
चन्द्रबदनी मंदिर देवी सती कि शक्ति पीठों म एक अर पवित्र धार्मिक स्थल च। चंद्रबदनी मंदिर टीरी क रस्त म चंद्र कूट पाड़म करीब आट हजार फीट कि ऊंचै म स्थित च। यु मंदिर देवप्रयाग बटी ३३ किमी दूर च। आदि जगत गुरु शंकराचार्य न यख शक्ति पीठ क स्थापना कैरी। धार्मिक ऐतिहासिक अर सांस्कृतिक रुप से भि चंद्र बदनी उत्तराखंड क शक्ति पीठों म एक च। स्कंद पुराण, देवी भागवत अर माभारत मा भि ये सिद्धपीठ क बारा मा भौत अच्छी तरां बतयूं च। परणा ग्रंथों म भुवनेश्वरी सिद्धपीठ क नौ से चंद्रबदनी मंदिरौ उल्लेख च। चन्द्रबदनी मंदिर बटी सुरकंडा, केदारनाथ, बद्रीनाथ चोटी कु भौत हि सुंदर नजारा दिखेंदन। मंदिर म पुजार गौं क बामण हि पूजा अर्चना करदन। मंदिर म मां चन्द्रबदनी मूर्ति जगा श्रीयंत्र हि अवस्थित च।इन मनै जांद कि सती कु बदनौ हिस्सा ईं जगम प्वण्न से मूर्ति कु क्वी दर्शन नि कैर सकदू।पुजरी भि आंखों म पट्टी बांदी मां चन्द्रबदनी तैं नलौंदन।इन बुलै जांद कि कबी कै पुजरी न अजांण मा मूर्ति देखणै कोशिश कैरी त वे का आंखा फुट ग्यनी। चन्द्रबदनी मंदिर म दर्शन करण वालौं कि हमेशा भीड़ रैंदी।यख जु भि श्रृद्धा भाव से मनौती मंगदन ऊंकी मनौती पूरी होंदन। मनौती पूरी होण पर भक्त कंदमूल फल, अगरबत्ती, धूप , चुन्नी अर चांदी क छत्तर चड़ावा क रूप मा देवी तैं चड़दंन।
“चन्द्रबदनी मंदिर” कु नौ ” चंद्रबदनी” कनै प्वाड़ ?
श्री चंद्रबदनी सिद्धपीठ क स्थापना कि कथा देवी सती से जुड़ी च।पुरणौं क कथा क अनुसार एक बार देवी सती क पिता राजा दक्ष न भौत बड़ू यज्ञ करवै जामा भगवान शिव क अलावा सब्या देवी देबतों तैं बुलै। देवी सती कि मां क अलावा कैन भि वख सती कु आव भगत नि करी।यज्ञ मंडप म भि भगवान शिव जी कु क्वी आसन नि छौ त सती अपरा पिता से यांकु कारण पूछ त राजा दक्षन शिवजी बारम कुछ ग़लत बोल दे,जांसे देवी सती न गुस्सा मा यज्ञ कुंड म हि फाल मार दे।सती कु भस्म होण समाचार सूणी शिवजी वख ऐनी अर राजा दक्ष कु मुंड काट दे।दु़खी ह्वेकि भगवान शिव जी न सती कु जल्यूं शरीर कांधम धैरी तांडव करण लग ग्यनीं। उ बरी जन प्रलय ऐगे ह्वा।सब्य देबतौं न शिवजी तैं शांत करणू भगवान बिष्णु से प्रार्थना कैर त भगवान बिष्णु न अपरा सुदर्शन चक्र नसती क शरीरा ५१ भाग कर देनी।ये वास्ता जख जख सतु क अंग प्वण्नि उ जगा शक्तिपीठ क नौ से प्रसिद्ध ह्वेनी। इन मनै जांद कि चंन्द्र कूट पाड़म सती कु बदन प्वाड़ इलै या जगा चंद्रबदनी क नौ से प्रसिद्ध ह्वे।
