प्रदेश मा चारधाम यात्रा शुरू होण वलि छ। यांक वास्ता सरकारै विशेष तयारि चलणी छ। वुन त हर साल कि तरां चारधाम यात्रा अपण निर्धारित समै अंतराल मा शुरू हवे जांद पर फिर बि व्यवस्था अपडेट कनमा सरकार तैं हर पहलु पर नया सिरा से मंथन कन पड़द। किलै कि यीं यात्रा मा देश विदेश बटी लाखों श्रद्धालु अर सैलानी उत्तराखण्ड औंदन।
द्यखे जाय त यात्रा को प्रबंधन एक चुनौतीपूर्ण कार्य छ। यात्रा शेड्यूल का मुताबिक बदरीनाथ, यमुनोत्री अर गंगोत्री धाम का कपाट खुल्नै तिथि तै हवे चुकि ग्येनि। साफ सि बात छ कि प्रशासन, ब्यौपारी अर तीर्थ पुरोहित यात्रा सकुशल अर निर्बाध सम्पन्न करौणा वास्ता तयारियों मा जुट्यां छन। चारधाम यात्रा चूंकि उत्तराखण्ड कि आधत्मिक पछ्याणा कि प्रतीक छ। ये वास्ता ये मामला मा क्की बि लापरवै यीं यात्रा कि गरिमा पर प्रहार कर सैकद। यी वजै छ कि सरकारन स्थानीय प्रशासन अर विभागीय अधिकारियों तैं निर्देश दिन्यां छन कि व्यवस्था चाक-चौबंद होण चयेणी छ।
अकसर द्यखे जांद कि यात्राकाल मा कथगै बाधा यात्र्यों तैं पार कन पड़दन । अर अगर वो दैवी आपदा जनि दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति पैदान हे जाव त संबि व्यवस्था धरीं रै जांदना। 2013 कि दैवी आपदा तैं हि ल्हे ल्या तब उत्तराखण्ड कि य त्रासदी पूरा विश्व का लोग तैं स्वचण मा बाध्यकर ग्ये कि पहाड़ों कि मुश्किल भरीं यात्रों अर धाम मा जब जल सुनामी ऐ है। तमाम बाटाघाटा, आवास आश्रम, धर्मशाला अर धाम को ढांचों हि कालचक्र को निवाला बण ग्ये छौ, जनहानि यिथगा कि अबि तक बि पता नि चल सकि कि यीं त्रासदी मा कथगा लोग का प्रण गैनि। आशंका छै कि अब त केदारधाम कि यात्रा अतीत कि याद बणी रै जालि पर श्रद्धा अर विश्वास का समणि वो सब कुछ बौनु साबित है। प्रशासन का सतत प्रयास का चल्द केदारधाम जाकि नि लगदो कि कबि यख मंदाकिनी नदी का मलब का अलावा कुछ बि बाकी नि बच्यूं छौ।
उम्मीद छ कि अबैदां चारधाम यात्रां मा श्रद्धालुओं कि कमी नि रलि ये साल तक चारधाम यात्रा सुगम बणौणौ काफी प्रयास करे ग्येनि, जन कि भूस्खलन प्रभावित जोन्स मा रोड़ ट्रीटमेंट का काम हवे ग्येनि। यांका अलावा आल वेदर रोड परियोजन बि प्रगति पर छ। कोशिश छ कि यात्रा तें हर संभव सुखद बणै जाव, तयारियों का लिहाज सि द्यखे जाव त ये साल चूंकि बर्फबारी कम हवे । केदारनाथ मा हर साल गंगोत्री-यमुनोत्री मा स्थिति सामान्य बतै जाणी छ, यूं धामों तक पौंछण मा सबसे बड़ी बाधा हाँद सड़क्यों को ब्लॉक वे जाणु छ। ये लिहाज सि अबि स्थिति अनुकूल छ। साफ सि बात छ कि प्रशासन तैं तयारी पूरी कनौ काफी टैम छ, बावजूद यांक ये काम मा लगीं मशीनरी तैं जिम्मेदारी से काम कन पड़लो ताकि यात्र्यों तै हर संभव सुविधा उपलब्ध करै जै सकन। सड़क जाम कि समस्या बि यात्र्यों का धैर्य कि परीक्षा ल्हेंद। घण्टो अर कबि त कथगै दिन तक लग जांदन सड़क खुल्न मा, यिनि स्थिति द्यखद प्रशासन तैं पूरी तत्परता समेत अनुकूल वातावरण बणैकि रखणो हर संभव प्रसास कन पड़ला ।
