(बाल कथा बुड्यों कुण )
भाना भाग्यशाली बुबा छौ जैन ? ड्याराडूण म नेहरूनगर म अपर द्वी लड़िक म दयालु अर नारैण कुण एकै बड़ बढ़ म फ्लैट निर्माण कौर छौ अर अफु कुण कख जम एक बड़ो कमरा किचन, हॉल म द्वी न्द बूड बुड्या रौणा छा।
दयालु क परिवार तो स्वस्थ रौंद छौ किन्तु नारैण क डेर म प्रतिदिन कै तै खांसी , जुकाम, पेचिस लग्युं रौंद छौ। यांक पैथर कथा शुरू ह्वे जब द्वी भायुंन अपर अपर फ्लैट म भितरपैंच कार।
दयालु अर वेकी घरवळि स्वछता प्रेमी छा तो नारैण अर वेकी घरवळि असावधान , गयेळ्या या भोळ सफाई कौर तो ल्योला र म विश्वास करदा छा। दयालु न तो पैलाक दिन बाथरूम ट्वाइलेट की गंभीरता से स्वच्छ करण म ध्यान दे। किंतु नारैण होरून ध्यान नि दे। दयालु सदा अपर नाळी की सफाई पर बिंडी ध्यान दींदो छौ अर ध्यान दींदो छौ कि द्वी तीन दिन म एक र्दै बाथरूम म नमि समाप्त होइ जाय। कूण्यों क टक्क लगैक सफाई करदा छा दयालु क परिवार वळ। नारैण क बाथरूम क खिड़की खुली की खुली से तो शीषाओं पर माट जम अर तै भाँपी ड्रेनेज कीड़ो न अंडा दे देन । नाळी क कीड़ा क अण्डों से आकर्षित ह्वेक जंपिंग इंसेक्ट या उप्पन ऐक नाळी कीड़ों क अंडा खाण लग गेन अर दगड़ म अंडा बिदीण लग गेन। फिर यी द्वी कीड़ा
बाथरूम का दीवारों क मध्य कूण्यों म अंडा दीण लग गेन। अंडों की गंध बॉस सूंघी भैर सड़क से फलों क कीड़ा अंडा खाणों भीतर बाथरूम म खिड़की रस्ता घुस गेन।
नाळी क कीड़ो अर उप्पन न अपर गोळ म फंगस उपजाणों क्रिया शुरू कार तो ये फंगस से आकर्षित हेक कुछ ऑवर छुट छुट कीड़ बि बाथरूम म ऐ गेन,
नारैण होर बाथरूम की सफाई तो करदा छ सप्ताह म किंतु बिंडी ध्यान नि दींद छा कि बाथरूम क ड्रेनेज से भौं भौं किस्मक उप्पन भितर आणा छन अरं अपर कॉलोनी निर्माण करणा छन दीवारों मध्य कूण्यों म अर कुछ हौर कीड़ों परिवार बि भटेणा छन।
इन म गंध छुड़ण वळ उप्पन बि नाळी से एगेन। जख भोजन हो, नमी हो तख संगुळ जन कति प्रकार का कीड़ बि नारैण क बाथरूम म बिन किराया दियां बसण मिसे गेन। नारैण होर बस कबि कबि हिट आदि छिड़क द्यावन बस। अर इन म धीरे धीरे जुकाम, नजला, पेचिस, आँख आदि क बीमारी क बैक्टीरिया वायरस बि बाथरूम म बसण मिसे गेन। अर अब लगातार नारैण क परिवार म जुकाम, नजला पेचिस लग्युं रौंद।
जब जुकाम व सर्दी, नजला बीमारी कुछ कुछ परमानेंट सि दिखे तो फेमिली डाक्टर मित्रा नंद घिल्डियाल जीन पूछ कि
तुमर घर म सफाई क सिस्टम क्या च डाक्टर घिल्डियाल तैं समज म आयी नारैण की समस्या बाथरूम की अ गंदगी म समाहित च। तब डाक घिल्डियाल न बाथरूम की स्वछता किचन की सफाई से बिंडी महत्व बताई अर सलाह दे कि बाथरूम क दीन आदि की सफाई पुछई, प्रत्येक तिसर आवश्यक च अर चौथ दिन नमी र बाथरूम को भी सलाह दे। नारैण वेकी घरवळी न तब से बाथरूम क सप्प पर टक्क लगाई अर अपर बीमारी भगैन।
