रंत रैबार ब्यूरो…..

नई दिल्ली। खुणि डीपीएमआई सभागार , न्यू अशोक नगर दिल्ली म उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच दिल्ली व साबली विकास समिति द्वारा गढ़वाली कवयित्री ममता रावत की श्रद्धांजलि सभा कु आयोजन करेगे। ज्ञातव्य हो कि ममता रावत कु 25 मार्च, 2026 खुणि अनायास निधन ह्वेगे छौ।
सुप्रसिद्ध लोकगायक सर्वेश्वर बिष्ट द्वारा भजनों का माध्यम से ममता रावत तैं श्रद्धांजलि दे। कै साहित्यकार व समाजसेवी लोगों ला बोलि कि ममता रावत होनहार कवयित्री छै। बढ़िया गीतकार व मांगळ गायिका छै। ममता रावत की कविता व गीतों तैं प्रकाशित कना खातिर साबली समाज विकास समिति व उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच दिल्ली कोशिश कारला।
उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच दिल्ली के संयोजक दिनेश ध्यानी ल बोलि कि ममता रावत बहुत ही होनहार कवयित्री छै। भौत कम समय म ममता रावत व साहित्य म अपणि जगा बणै यालि छै। श्री ध्यानी ल बोलि कि मंच भरसक प्रयास कारलु कि ममता रावत का अधूरा काम पूरा होला। वरिष्ठ समाजसेवी व उद्यमी अर उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच दिल्ली का संरक्षक डाक्टर विनोद बछेती का संरक्षण म हम लगातार अपणी भाषाओं का खातिर लगातार काम करणा छौ। अगनै बि हम यन्नि कोशिश करला।
वरिष्ठ साहित्यकार दर्शन सिंह रावत जी ल ममता रावत कु परिचय राखी ममता रावत कु परिचय ये प्रकार से छौ। वींका पति कु नौ श्री अजय सिंह रावत छ व वींकु एक बेटा छ जै कु नौ आदित्य रावत ( सोनू रावत) छ। ममता मैत ग्राम अरकन्डाई नजदीक पंचपुरी, बैजरो, छ । वींकी ब्वे कु नौ श्रीमती पीताम्बरी देवी जी कर बुबा जी नौ श्री जगदीश सिंह रावत छ। ममता सौरास ग्राम भौराड़
पट्टी – सावली, वीरोंखाल, पौड़ी गढ़वाल छ। ममता जलम 13 जून, 1990 खुणि ह्वे। अर विचरि भग्यान निधन – 25 मार्च, 2026 खुणि ह्वे। ममता ला एम.ए. हिंदी, श्री देव सुमन विश्वविद्यालय, बटिन अर
बी.एड. हिंदी, सामाजिक सेवा संस्थान, गढ़वाल विश्वविद्यालय, बी.ए. हिंदी, अर्थशास्त्र, भूगोल, गढ़वाल विश्वविद्यालय बिटिन कैरी। ममता ला सरस्वती शिशु मंदिर शिक्षिका समेत कै प्राइवेट स्कूलों में शिक्षिका का रुप म काम कैरि। अर लाल बहादुर शास्त्री संस्थान, मुनीरका, नई दिल्ली से कार्यालय प्रबंधन म डिप्लोमा बि कैरि। बचपन बिटिन ममता प्रतिभावान छात्रा छै। कै बाल प्रतियोगिताओं म वींल विद्यालय स्तर समेत ब्लाक स्तर परैं कै प्रतियोगिताओं म भाग ल्हेकि पुरस्कार लेन। जा तक सामाजिक गतिविधियों कि बात छ ममता रावत ला डॉ. शिवानंद नौटियाल डिग्री कॉलेज (एच.एन.बी.जी.यू.) म 2010 म राष्ट्रीय सेवा योजना म भागीदारी खुणि “बी” प्रमाणपत्र प्राप्त कैरि। अर गैर-सरकारी संगठन – जन परिवर्तन का दगड़ि स्लम का बच्चों अनाथ बच्चों तैं शिक्षित कैरि। दगड़ा दगड़ि वींल विभिन्न मनोवृत्तियों अर कौशलों वळा बच्चों का दगड़ि काम कैरि। उत्कृष्ट संचार कौशल व बच्चों का दगड़ि सहजता से घुलमिलि जाण की क्षमता ममता रावत म खूब छै। बच्चों खुणि प्रभावी शिक्षण विधि विकसित करणा क्षमता बि वीं म खूब छै। 5 से 15 वर्ष की आयु का बच्चों का व्यवहार कर मनोभावों तैं समझणु व संभालणा अर समझणा शोध कौशल बि खूब छौ। शिक्षण तैं रोचक अर प्रभावी बणाणा खुणि विभिन्न साधनों, किताब, संगीत अर खेल आदि का उपयोग करण म ममता रावत म उच्च दक्षता छै। बच्चों दगड़ि प्रभावी ढंग से संवाद करणा कि क्षमता ताकि बच्चा जल्दी सीखि जैं जनुकि जैसे तुकबंदी वळा खेल, कहानी सुणाणा भौत बढ़िया हुनर छौ। बच्चों तैं सिखणा व समझणा खुणि लगातार प्रेरित करणा की क्षमता ताकि बच्चा खुद तैं समझि सकीं व दुन्या दगड़ि हिटि सकीं यां खुणि ममता रावत हमेशा सजग व समर्पित रैंदि छै। यनि विलक्षण प्रतिभा अचणचक 25 मार्च, 2026 खुणि अनंत यात्रा खुणि प्रस्तान कैरि गे।
श्रद्धांजलि सभा म कै बिद्वान साहित्यकार, गणमान्य लोग उपस्थित छाया जौं म सर्वश्री चन्दन प्रेमी, जयपाल सिंह रावत, दर्शन सिंह रावत, पूरणचन्द्र कांडपाल, भगवती प्रसाद जुयाल गढदेशी, बृजमोहन वेदवाल, दीनदयाल बन्दूणी दीन, जबर सिंह कैंतुरा, जगमोहन सिंह रावत जगमोरा, सुशील बुडाकोटी, दिनेश ध्यानी, रमेश हितैषी, सर्वेश्वर बिष्ट, वीरेंद्र जुयाल उपरि, दयाल नेगी, ओम ध्यानी, प्रदीप रावत खुदेड़, युगराज रावत, दीवान सिंह नेगी, सुरेश रावत, डाक्टर सतीश कालेश्वरी, अनिल कुमार पंत, प्रताप सिंह थलवाल, ओम ध्यानी, हेमलता जुयाल, दिग्पाल कैंतुरा, दीवान सिंह नेगी, युगराज रावत, सुंदरलाल आर्य, दिनेश रावत, दलबीर सिंह रावत, अनूप सिंह बिष्ट, दीपा रावत, रेखा रावत, व ममता रावत का परिजन व रिश्तेदारों समेत कै लोग उपस्थित छाया।सब लोगों ला अपणि तरपां बिटिन भावपूर्ण श्रद्धांजलि दे। अंत म द्वी मिनट का मौन का दगड़ि यों श्रद्धांजलि सभा समाप्त ह्वे।
