रंत रैबार ब्यूरो
एक बियां
देहरादून। नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया द्वारा देहरादून का परेड ग्रांउड मा लग्यूं पुस्तक मेला मा विभिन्न लेखकों की पुस्तक देखणु कु मिलिन। यु किताबों का बीच लब्द्ध प्रतिष्ठित बाल कथाकार समीर गांगुली कि एक किताबु कु गढ़वाली अनुवाद दिखणु कु मिलि। किताब छ ‘एक बियां अजाण सि’ जैकु गढ़वाली मा अनुवाद गिरीश संदुरियाल न करियूं छ।
अजाण सि
किताब भौत ही सुंदर अर शिक्षाप्रद छ। समीर गांगुली विद्यालय काल बटि हि बाल कहानी लिखणा छन। वे टैम उंकी कहानी प्रसिद्ध साहित्यहिक पत्रिका धर्मयुग, सारिका व चंपक आदि मा छपदि है। समीर गांगुली की कहानी बच्चों का वास्ता प्ररेणा व शिक्षाप्रद होंदन। बाल कहानी से जख बच्चों का उज्जवल भविष्य की तर्फ बढ़दन वखि बौद्धिक अर भावनात्मक विकास भी होंदन। दिखै जाव त बाल साहित्य बच्चों का चरित्र निर्माण म सहायक होंदन। उम्मीद करदां कि समीर गांगुली की कलम हमेशा इन्ही चल्द रालि अर नई-नई ज्ञानवर्द्धक पुस्तक बच्चों का वास्ता लिखदा राला।
