(अनीता नैथानी ढोंडियाल)
सिद्धपीठ कुटेटी देवी क पूजा पाठ संतान प्राप्ति अर सुख समृद्धि देण वली मनै जांद। उत्तरकाशी शैर बटी कुटेटी देवी मंदिर लमगौं केदारनाथ क रस्ता मा तीन – किलोमीटर दूर च।
कुटेटी देवी मंदिर क बारा मा एक कानी परसिद च
एक बार कोटा (राजस्थान) क माराजा गंगोत्री कि तीर्थ यात्रा पर गैनी। यख ऊंकू पैसौं कु थैला हर्च गे जांका वजै से ऊंतें खर्च पाणी परेशानी हेगी अर वु उत्तरकाशी वापस ऐ ग्यनी जख ऊंन भगवान विश्वनाथ मंदिर म अपणी खैरी प्रार्थना करी। ई परेशानी दूर करणा वास्ता ऊंतें अपरी नौनी क ब्यो गर्गों का ही कै अच्छा नौना से करणै सौं दिये गी, तबी थैला
मिल्लू। तब उ थैला मंदिरा पुजरी तैं मिली सब्य पैसा टकौं दगड़ी सै सलामत। तंब राजन खुश ह्वेकी पुजरी से अपरी नौनी कु तैं क्वी अच्छू नौनू बतौंणू बोली। तब पुजरी क बतयां नौना दगड़ी राजकुमरी ब्यो ह्वे। पर वा राज कुमरी ये ब्यो से खुश नि छै। किलैकि यांका वजै से वा अपरी कुल देवी से दूर ह्वे जांदी जैंकी ऊ हमेशा पूजा करदा छा
यांका वास्ता वीन अपरा पति दगड़ी देवी से प्रार्थना करी कि वा ऊंकी मदद कौर। तब कुटेटी देवी न वींका सुबन्यां मा बतै कि मि तमरा पुंगड़म एक ढुंग क रुपम रौलू। राज कुमरी अर वींका पति न तीन ढुंगा ढुंढणी अर वखम कुटेटी देवी क मंदिर बणै जखम उ ढुंगा मिन्नी ।
कुटेटी देवी मंदिर उत्तरकाशी, उत्तराखंड
वे टैमम मंदिर गर्गों का मकानों जना ही बण्यूं छौ। बादम मनेरी भाली परियोजना बणणा समै मंदिर पक्कू बंणयेगी अर मंदिर तैं शिखर शैली कु रूप दियेगी।
वीं तरफां मनै जांद कि मां कुटेटी मंदिर म नगर अर गर्गों की ध्यांणी ब्यो का बाद एक बार ये मंदिर म मां कु आशीर्वाद लेणू जरुर औंदन । यांका अलावा नयीं गाड़ी य क्वी भि शुभ कारज मा देवी कु आशीर्वाद लैणू वखा लोग मंदिर औंदन। इन मनै जांद कि क्वी बि शुभ अर मांगलिक कारज करण से पैली मां कुटेटी देवी कु आशीर्वाद लेण से कारज सफल ह्वे जंदन।
मि कुछ नि बोल साकू
खुचिलि वींकि लगीं छै पैलुड़ी कमर बंधी छै हर्बी बाजू बंद गाणी छै
मि बखरियूँ चराणू छायु सुरक वीं दिखणु छायु जाणि कै, ले ले कनू छायु
कन पहुंचे जाव
सड़का रस्ता देहरादून बटी 160 किमी अर ऋषिकेश बटी 225 किमी कि दूरी तय कैरी उत्तरकाशी पाँचे जै सकद।
