देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय क्लाइमेट एक्शन लीडरशिप अवार्ड 2025 से सम्मानित पर्यावरणविद डॉ विनोद प्रसाद जुगलान ने उत्तराखण्ड के पहाड़ी क्षेत्रों में जल संकट की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि जल संरक्षण ही जल संकट का समाधान है। उन्होंने कहा कि जल संचयन के छोटे छोटे प्रयासों से ही हम भविष्य की पीढ़ी के लिए जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत कर सकते हैं।
यह बातें अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण विशेषज्ञ ने शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास उत्तराखंड प्रांत द्वारा आयोजित पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) में विषय विशेषज्ञों के मध्य मुख्य वक्ता के रूप में संभाषण करते हुए कही।न्यास के प्रान्त संरक्षक एवं जीबी पन्त यूनिवर्सिटी के ए बी एम सी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ प्रोफेसर आर एस जादौन ने वक्ताओं द्वारा सुझाए गए उपायों का जिक्र करते हुए कहा कि सभी विद्वान वक्ताओं द्वारा दिए गए सुझावों को न केवल कलमबद्ध करने की आवश्यकता है बल्कि इनके क्रियान्वयन से युवा पीढ़ी और शोध कर्ताओं को भी लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में वक्ताओं ने प्राकृतिक जल श्रोतों के संरक्षण और स्थानीय जल संरचनाओं को पुनर्जीवन को समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। एफडीपी कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने भारतीय ज्ञान परंपरा , भूमि दिवस,पर्यावरण नीति और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर अपने विचार रखे।शिक्षाविद आचार्य राम कृष्ण पोखरियाल ने नव संवत्सर और उसके प्रकार विषय पर विस्तृत जानकारी दी।युवा कथा वक्ता आचार्य शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि श्री राम यदि पिता की आज्ञा का पालन करते हुए वनवास न जाते तो भी अयोध्या वासियों को राजा राम मिल सकते थे, लेकिन हमें मर्यादा पुरूषोत्तम राम और उनके जीवन से मर्यादित होने का संदेश नहीं मिल पाता।हमें अनुशासित और मर्यादित जीवन जीने की प्रेरणा श्री राम के जीवन संघर्ष से मिलती है।कार्यक्रम में अध्यक्षीय उद्बोधन में सोबन सिंह जीना विश्व विद्यालय परिसर निदेशक प्रोफेसर पीएस बिष्ट, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय हल्द्वानी के वाणिज्य एवं प्रबंध निदेशक प्रोफेसर गगन सिंह,सहायक नगर आयुक्त ऋषिकेश चन्द्र कांत भट्ट एवं वर्धमान कालेज बिजनौर के प्रो राजीव अग्रवाल ने अपना वक्तव्य रखा।कार्यक्रम का संचालन लेफ्टिनेंट डॉ बृजलता चौहान ने किया।न्यास के उत्तराखण्ड प्रान्त संयोजक प्रोफेसर कमल देव लाल ने एफडीपी समिति सदस्यों द्वारा सुंदर आयोजन के लिए डॉ अशोक मेंदोला, डॉ पंकज कुमार, डॉ राकेश पन्त,डॉ बृजलता चौहान, डॉ संगीता जादौन,डॉ तनुजा पोखरियाल, डॉ दीपशिखा ,डॉ निधि रावत,प्रतिभा सरण, डॉ नीलम काला चमोली सहित सभी मीडिया प्रतिनिधियों एवं सभी प्रतिभागियों के सहयोग की सराहना करते हुए आभार जताया।कार्यक्रम की संरचना न्यास के उत्तर पश्चिम क्षेत्र संयोजक डॉ जगराम ने की थी।
