रंत-रैबार ब्यूरो दिल्ली।
नई दिल्ली : खुणि उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच दिल्ली द्वारा एक दिवसीय गढ़वाळि -कुमाउनी भाषा शिक्षण कार्यशाला कु आयोजन डीपीएमआई सभागार, न्यू अशोक नगर म कैरी। ये आयोजन म आगामी 24 मई, 2026 बिटिन संचालित हूण वलि ग्रीष्मकालीन गढ़वाळि -कुमाउनी भाषा कक्षाओं का पाठ्यक्रम व भाषा सीखाणा बावत या कार्यशाला आयोजित करेगे छै।
उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य, मंच, दिल्ली का संयोजक दिनेश ध्यानी ल बोलि कि हम लोग लगातार प्रयास कना छावा कि हमरि भाषा कु प्रचार-प्रसार हो। वर्ष 2012 बिटिन हम लगातार भाषाई सरोकारों परैं काम कना छावा। नै पीढ़ी तैं भाषा सिखाणु व गढ़वाली, कुमाउनी भाषाओं तैं संविधानै आठवीं अनुसूची म शामिल कना खातिर लगातार जतन हूंणा छन। दिल्ली-एनसीआर हो या उत्तराखण्ड व इंग्लैंड हम लोग लगातार नै पीढ़ी तैं भाषा सिखाणा जतन कना छौ। श्री ध्यानी ल बोलि कि जब हमरि भाषा संविधानै आठवीं अनुसूची म शामिल होलि तब रोजगारपरक भाषा बणलि, पाठ्यक्रम म शामिल होलि व सरकारों द्वारा बि हमरी भाषा तैं मान्यता मीलली।
डीपीएमआई का चेयरमैन, मंच का संरक्षक डॉ विनोद बछेती ल बोलि कि हमरी प्राथमिकता च कि हमरी भाषा नै पीढ़ी तक पौंछ। ये का खातिर सब्बि केंद्रों म भाषा शिक्षण का खातिर लगातार प्रयास हूण चंदन। बच्चों तैं रुचिकर विषय पढ़ये जाण चंदन। जब हमरी भाषा संविधानै आठवीं अनुसूची म शामिल होलि तब बड़ा-बड़ा आयाम खुलला।
ज्ञातव्य हो कि उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली द्वारा, दिल्ली-एनसीआर व उत्तराखण्ड का हर भाषा शिक्षण केंद्र म रोज गढ़वाली-कुमाउनी म प्रार्थना, वंदना अर दीप प्रज्वलित का बाद बच्चों तैं भाषा ज्ञान दिए जाणू चा। गीत, कविता का माध्यम से बच्चों तैं मनोरंजन प्रिय पाठ्यक्रम पढ़ए जाणू। बच्चा यूँ कक्षाओं म भौत मन लगैकि पढ़णा छन। हर हफ्ता सुबेर 10 बजी बिटिन द्वफरा 12 बजी तक कक्षाओं को आयोजन हूणू। बच्चों तैं पाठ्य सामग्री, बैग आदि बि निशुल्क दिए जाणा छन। कुछ सेंटर यना बि छन जख निरन्तर निशुल्क गढ़वाली-कुमाउनी भाषा शिक्षण कक्षाओं को आयोजन हूंदा। मयूर विहार फेज-3 म श्रीमती रेखा चौहान अपणा स्कूल रॉयल इंटरनेशनल स्कूल म लगातार गढ़वाली-कुमाउनी भाषा शिक्षण कक्षाओं को आयोजन करणी छन। दिल्ली-एनसीआर म प्रमुख केंद्रों म डीपीएमआई इंस्टिट्यूट, न्यू अशोक नगर, विनोद नगर पूर्वी, विनोद नगर पश्चिमी, मयूर विहार फैज-3, खोड़ा, नॉएडा, बुराड़ी- 4 सेंटर , संत नगर, सुशांत विहार, शास्त्री पार्क, महरौली 3 सेंटर, आया नगर, संगम विहार, मुनीरिका, आर. के. पुरम, पंजाबी बाग़, रोहणी, नरेला, तिमार पुर, कालका जी, त्रिलोक पूरी, साहिबाबाद यूपी , बैशाली ग़ाज़ियाबाद, रामपार्क लोनी, उत्तराखण्ड – श्रीनगर गढ़वाल, बंजारावाला,देहरादून , अल्मोड़ा, बागेश्वर, लोहाघाट, चांपावत समेत कै जगा गढ़वाली-कुमाउनी भाषाओं की कक्षाओं को आयोजन हूणू। ये साल देवली समेत कै जगों म नै सेंटर खुलणा छन।
कार्यशाला म रेखा चौहान, दिग्पाल कैंतुरा, गिरीश सत्यवली, प्रदीप बौंठियाल,तनोज बुधानी, दीपक डंडरियाल आदि लोगों ला अपरी बात राखी कि पाठ्यक्रम म ये साल नै क्या-क्या जोड़णा विचार च। वखि सोशल मीडिया का महत्व परैं बि चर्चा ह्वे। साहित्यकारों म दिनेश ध्यानी, जबर सिंह कैंतुरा, दर्शन सिंह रावत, डॉ सतीश कालेश्वरी, जयपाल सिंह रावत, उमेश बंदूनी, निर्मला नेगी, नीरज बवाड़ी, डॉ सुशील सेमवाल आदि ला अपरी बात राखी कि बच्चों तैं हौरि रुचिकर पाठ्यक्रम कनकैकि पढ़ाये जौ। दगड़ी व्लॉगर संतोषी डोभाल, विजय लक्ष्मी डोभाल,अनिल पंत, मंजू रावत जगमोहन बिष्ट समेत प्रबंधन समिति, कोरग्रूप, भाषा केंद्रों का प्रतिनिधियों समेत कै लोग उपस्थित छाया। यीं कार्यशाला म लगभग चालीस भाषा शिक्षण केंद्रों का संयोजक, उपसंयोजक व अध्यापकों ला भाग ले। पूरा दिना यीं कार्यशाला म भाषा, साहित्य, पाठ्यक्रम का हर पहलू परैं चर्चा ह्वे। कार्यशाला कु संचालन रेखा चौहान, गिरीश सत्यवली ला संयुक्त रूप से कैरी।
