रंत रैबार ब्यौरो….
उत्तराखंडी भाषा न्यास (उभान्) अर गढ़वाली कुमाऊनी जौनसारी अकादमी के संयुक्त तत्वावधान म 8 फरवरी, 2026 कणि अल्मोड़ा भवन साउथ एक्सटेंशन नई दिल्ली म उत्रैणी मकरैंणी (घुघुत्या) त्यार बड़ु धूमधाम से मनैय।
उत्तराखंडी भाषा न्यास न उत्तरैणी-मकरैणी त्यौहार एक नयु रूप म मनए जांद है जैम सूरजा कु दक्षिणायन बटि उत्तरायण क तरफ आण पर ग्रह नक्षत्रों पर प्वड़न वालु प्रभाव, राशियों पर प्वड़न वालु प्रभाव, मनखि जीवन अर मनखि शरीर पर प्वड़न वालु प्रभाव आदि क संबंध म विद्वानों कैं आमंत्रित करि जानकारी दिलए जान । एका दगड़ हि जौनसार म उत्तरैणी मकरैंणी कन मनए जान, गढ़वाल म कन मनए जान अर कुमाऊं म कन मनए जान। ए बारीम जानकारि दीण कति यों क्षेत्रों बटि विद्वानों कैं आमंत्रित करि ग्या । एका बाद द्वितीय सत्र म कवि सम्मेलना कु आयोजन करि ग्या। ए अवसर पर जौं विद्वानों न ए कार्यक्रम कि शोभा बढ़ै उनूम मुख्य अतिथि क रूप म गढ़वाली कुमाऊनी जौनसारी अकादमी बटि पर्यवेक्षक श्री जगदीश चन्द्र शर्मा, विशिष्ट अतिथि श्री चंद्र सिंह रावत “स्वतंत्र” दगड़ कवि उपस्थित ह्वीं। जनूक न्यासाक अध्यक्ष श्री नीलांबर पांडे, सचिव डॉ बिहारीलाल जलन्धरी और कोषाध्यक्ष श्री सुल्तान सिंह तोमरान माला शौल अर स्मृति चिन्ह भेंट करि स्वागत करे ग्या। जौनसार बटि श्री राम सिंह तोमरान जौनसार म ए त्योहार मनाणाक बरिम जानकारि देइ। गढ़वाल बटि श्री दयानंद सिलवालान जानकारि देइ। कुमाऊं बटि श्री चंद्र सिंह रावतान अपणि छुई बत लगैं।
दुसरा सत्र म जौं कवियों न कविता पाठ करि उनूम गढ़वाल बटि श्री सागर पहाड़ी, श्री संदीप गढ़वाली अर सुश्री निर्मला नेगी, कुमाऊं बटि श्री रमेश सोनी, श्री श्याम कड़ाकोटी, श्रीमती पुष्पा पाण्डेय अर जौनसार बटि श्रीमती प्रमिला तोमर, श्रीमती पूनम तोमराक अलावा श्रीमती लता नेगी, श्रीमती प्रतिभा पंत, श्रीमती पुष्पा अर श्री कन्हैया पसबोला न कविताओं कु वाचन करि।
कार्यक्रम म उपस्थित हूण वाळा सदस्यों म सर्वश्री सुमन रावत, अंजुला पोखरियाल, सीमा नेगी भैंसोड़ा, अंजली देवी, बहादुर सिंह, एस पी गौड़, जगमोहन सिंह रावत जगमोरा, दीवान सिंह नेगी, ब्रजमोहन पंत, बिमल सजवाण, सतीश रावत, युवराज सिंह, राजेंद्र सिंह रावत, श्याम सुंदर सिंह कड़कोटी, गोविंद सिंह रावत, बृजमोहन सिंह रावत, हिमांशु शर्मा, बच्चन अधिकारी और दिनेश जोशी ने उपस्थित होकर कार्यक्रम कि शोभा बढ़ै।
कार्यक्रमाक बादम ये त्युहार पर गढ़वाल अर कुमाऊं म बणण वाळा पकवानों म घी खिचड़ि अर घुघत प्रसादाक रूप म परोसे ग्या।
