रंत रैबार ब्यौरो….
यों समिति समाज में, इस्कूल कालेजों में बखत बखत पारि गोष्ठी सेमिनार लेखन प्रतियोगिताओं क आयोजन करण क काम करो । वरिष्ठता क अनुसार नय पुराण रचनाकारों कि सूची तयार करि बेर पुरस्कारों/सम्मानों क लिजी अनुशंसा करण सरकारि पुस्तकालय और वाचनालयों में लोक भाषाओं क अलग विंग स्थापित करण क काम करो।
लोक भाषाओं और संस्कृतियों में काम करणी लोगों कैं एक दुसरां कि भाषा संस्कृति षा कैं समजणकि लिजी देश में टूर प्रोग्राम क बणाओ और रचनाकारों कलाकारों कैं भ्रमण कार्यक्रमोंल लाभान्वित कराओ जैल उं एक दुसरांकि भाषा संस्कृति कैं समजि सको और आपसी समन्वयैल आपण भाषा संस्कृति कैं समृद्ध करि सको ।
यों समिति देश बिदेशाक विभिन्न स्तरीय भाषाओं कि रचनाओं क अनुवाद यों लोक भाषाओं में कराओ और स्तरीय लोक क भाषाओं कि रचनाओं क अनुवाद हौर क भाषाओं में कराओ। हिंदी अकादमी और एन बी टी दगाड़ि मिलि बेर लोक भाषाओं
क उत्थानकि लिजी कार्ययोजना बणूण और वैक कार्यान्वयन करूणक काम करो। यैल लोक भाषाओं और उनु दगै जुड़ी हुई संस्कृतियों क बिकास ह्वल। रुजगार लै पैद ह्वाल। और रचनाकारों कैं लै फैद मिलल । यैक लिजी सब तरफ बटी मिलि जुलि बेर प्रयास हुण चैनी।
