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(Bhishma Kukreti)
कारक संज्ञा अर सर्वनामौ वै रूपौ खुणि बुल्दन जु रूप वाक्य मा हौरी श्ब्दुं दगड सम्बन्ध बतांद कारक आठ किसमो हुन्दन
कारक विभक्ति (परसर्ग ) प्रयोग
१- कर्ता न,/ल रामन ब्वाल
२- कर्म तैं/थैं गढ़वाल्युन तैं अपणि भाषौ बार मा ख्याल इ नी च
कुमयों सणि बि अपणि भाषौ फिकर नी च
३- करण न,/ल दाळ तैं थांथन झपोड़दन
से वै से कुछ नि होण
४- सम्प्रदान कु /कुतैं/खुणि यू झंग्वर त्वेकू च अर यू झाम्पा खुणि च
५- अपादान बटि i /बिटेन कख बिटेन /बटि एई ?
मांगन /मूंगे स्यू आटू कै मांगन /मूंगे लै ?
न कम्पुटर कखन आयी
६- सम्बन्ध कु /का /क कि या गागर कैकी च ?
रो /रा/रि तुमारो/तुमारा/तुमारी बात हि कुछ हौरी हुन्दन
ऐ राजारामै ब्वारी
अ म्यार बांठअ अबी दे दी
इ श्यामुइ भैंसी लंदी च
७- अधिक्ररण मा जा अपण जगा मा जा
मद्ये यूँ द्वी बंठों कै मद्ये म्यार बंठा क्वा च भै ?
म /मुं मीम /मेमू बोल क्या हवाई
पर तै पर दिवता ऐ गे
जनै मथि पाणि जनै जयां छन
८- सम्बोधन हे /हलो/याँ/ ह्य्ले/अजि/ह्य्जी ह्य्जी ! चिट्ठी अछेकी ऐन च ?
असान : भग्यान अबोध बन्धु बहुगुणा अर श्रीमती रजनी कुकरेती कि व्याकरण क पोथी
