(भगवती जुयाल गढदेशी लोककवि) अनमती भान्ती की हुंदन मनै दंदोल्या गाणी सडैम कख्यो कखी ली जांदन मनख्या...
Month: August 2026
(ओम प्रकाश सेमवाल) कव्वा ककड़ांदि रंद पीना पकदी रंद सुर्ज चन्द्र ग्रहण भि द्वी घड़ी मा...
ब्यौरो रंत रैबार…. गैरसैण तैं उत्तराखण्ड की स्थाई राजधानी बणण की मांग हैं लेकि फिर उग्र...
(ओम प्रकाश सेमवाल) कव्वा ककड़ांदि रंद पीना पकदी रंद सुर्ज चन्द्र ग्रहण भि द्वी घड़ी मा...
रंत रैबार ब्यूरो देहरादून। डा. डी. आर पुरोहित तैं उत्तराखंड की कला अर लोक संस्कृति की...
रंत रैबार ब्यूरो….. दिल्ल। उत्तराखण्ड लोक–भाषा साहित्य मंच, दिल्ली द्वारा आयोजित श्रधंजलि सभा म हिंदी व गढवाळी...
रंत रैबार ब्यौरो…... (अर्चना गौड़ ) जो बीज बूत, वु जमणु नी निरभगि हथ जसिलु हूंणु...
जय पर्वत अर जय पर्वत, आज मन दुख बिचारी, गंगा-ज्यूं निर्मल यो धरती, कं बनि गाय दुख...
रंत रैबार ब्यौरो..… गाडियूं कु घ्यूंघाट…. कैबि शांत प्रकृति का रूप मा पछयाण रखण वळि दुनघाटी ध्वनि...
एक दा गौं कि बेटि-ब्वारि घास ल्याणा खुणि ईड़ाडाँड जयीं हैं। (ईड़ाडाँड हमर इनै मर्चुला-शंकरपुर सड़को मथि...
