(जसपुरा विशेष व्यक्ति श्रृंखला 7 )
भीष्म कुकरेती
जसपुर (मल्ला ढांगू , द्वारीखाल , पौड़ी गढ़वाल ) प्राचीन काल बिटेन पारम्परिक शिल्पकारों बान प्रसिद्ध च अर आज बि जसपुरा शिल्पकारों की बड़ी भारी मांग रौंद विशेषकर भवन निर्माण , बढ़ईगिरी अर उपकरण मरोम्मत हेतु।
जसपुर म बनि बनि शिल्प का शिल्पकार जनमेंन। ऊं मदे इनि छा जतुर बाडा (जयानंद जी ) जो तमटागिरी ठठेरा गिरी ) म अपर समय म उस्ताद छा। जतुर बाडा (जयानंद जी ) क बूबा जीक दादा जीक अर जतुर बाडा (जयानंद जी ) क निर्मित बड़ा बड़ा डिबल , कढ़ाई , डेग जसपुर , सौड़ , ग्वील , बड़ेथ , छतिंड , बाड्यों म फोड़ , शादी बड़ी जग्गी म उपयोग हूंद छ सन नब्बे तक। जब बिटेन हलवाइयों क प्रचलन ह्वे तो जग्गियों म पारम्परिक बड़ा बड़ा डेग , कढ़ाई , तौलुं प्रचलन समाप्त ह्वे गे।
जतुर बाडा (जयानंद जी ) क बूबा जीक दादा जीक अर जतुर बाडा (जयानंद जी ) क निर्मित भांड पूरा ढांगू इ ना डबरालस्यूं , लंगूर , उदयपुर म भी प्रसिद्ध छ।
स्वतंत्रता उपरान्त लोग शहरों से भांड खरीदण लग गे छा तो तब जतुर बाडा (जयानंद जी ) न तमोळी , गागर , छुट कढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करण शुरू कर दे। धीरे धीरे औद्योगीकरण क कारण जतुर बाडा (जयानंद जी ) द्वारा निर्मित भांड मंहगा हूण लग गेन अर तब जतुर बाडा (जयानंद जी ) बि बुढ़े गे छा। जतुर बाडा (जयानंद जी ) क क्वी बि लड़िक तमोटागिरी म नि गे। बड़ नौनु उचाकोट प्रवासी ह्वे गे अर तख सुनार क अणसाळ चलाण लग गेन।
छूट नाउन सेना म चल गेन। अब सब भैरी रौंदन। जतुर बाडा (जयानंद जी ) क बड़ो भवन छौ। बड़ो चौक छौ।
जतुर बाडा (जयानंद जी ) टिहरी चन्द्रबदनी क्षेत्र से जसपुर बसाये गे छा। तौंक चचरा भाई खिमा बडा (खीमा नंद शाह जी ) प्रसिद्ध सुनार छा।
यु परिवार अपर दगड़ नागराजा बि ल्है छा।
जतुर बाडा (जयानंद जी ) शिल्पकार अधिकार अर सम्मान हेतु सदा सजग व संवेदनशील रैन। जसपुर म आर्य समाज , जनेऊ आंदोलन , डोला पालकी आंदोलन म जतुर बाडा (जयानंद जी ) की बड़ी भूमिका छे।
मीन जतुर बाडा (जयानंद जी ) तैं सदा ग्राम पंचयत म पंच ही द्याख कारण वो अपर अधिकारों प्रति सजग छया।
अपर कला , हुनर , कारीगिरी , निपुणता व शिल्पकार सम्मान हेतु संघर्ष हेतु जतुर बाडा (जयानंद जी ) याद करे जाला
